सिवनी. भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पकड़े गए मध्यप्रदेश के सिवनी निवासी जितेंद्र अर्जुनवार (22) की नागरिकता पर देश के विदेश मंत्रालय ने मुहर लगा दी है. इसके बाद पांच साल से पाकिस्तान की जेल में बंद जितेंद्र के जल्द स्वदेश लौटने की उम्मीद जतायी जा रही है. सिवनी के पुलिस अधीक्षक तरूण नायक ने बताया कि पाकिस्तान की जेल में बंद सिवनी जिले के बरघाट के रहने वाले युवक जितेंद्र अर्जुनवार के भारतीय नागरिकता संबंधी दस्तावेज कुछ महीने पहले विदेश मंत्रालय को भेजे गए थे. इनमें कुछ कमियां देखते हुए मंत्रालय ने फिर से जरूरी दस्तावेज मांगे थे. प्राप्त निर्देशों के तहत बीते बुधवार को गृह एवं विदेश मंत्रालय को दस्तावेज भेजे गए हैं.

जल्द हो सकती है जेल से रिहाई

एसपी नायक ने बताया कि पाकिस्तानी जेल में बंद जितेंद्र की रिहाई के लिए विदेश मंत्रालय और भारत सरकार प्रयासरत है. वे खुद भी विदेश मंत्रालय के अधिकारियों से संपर्क बनाए हुए हैं. नागरिकता की पुष्टि होने के बाद संभवत: बरघाट में जन्मे, पले बढ़े जितेंद्र की पाकिस्तान जेल से जल्द रिहाई हो सकती है.

बरघाट में मैकेनिक का काम करने वाले जितेन्द्र के भाई भरत ने बताया कि उसे और उसके परिवार वालों को बरघाट पुलिस थाने पर दस्तावेजों की पुष्टि के लिये बुलाया गया था. परिवार वालों ने पहले ही जितेन्द्र के नाम के सबूत के तौर पर वोटर कार्ड और राशन कार्ड जमा करवा दिये हैं.

2013 में पाक रेंजरों ने पकड़ा था

मालूम हो कि 12 अगस्त 2013 को भारत-पाकिस्तान के बीच अंतरराष्ट्रीय सीमा के खोखलापार में जितेंद्र को पाक रेंजरों ने पकड़ा था. घर से भागकर जितेन्द्र भारत में महीनों भटकने के बाद भारत-पाकिस्तान सीमा पर पहुंच गया था. जितेंद्र एनीमिया की बीमारी से पीड़ित है. पाकिस्तान जेल में जितेन्द्र का इलाज किया जा रहा है. वह पाकिस्तान में कराची जिले के मलिर सर्किल जेल में बंद है. वह ठीक से चल नहीं पा रहा है और चलने के लिए उसे बैसाखी का सहारा लेना पड़ता है.