ग्वालियर: दिल्ली व दूसरी जगहों से किसी न किसी परीक्षा की पेपर लीक होने की लगातार आ रही ख़बरों से बीच अब मध्य प्रदेश में भी पेपर लीक होने का मामला सामने आया है. मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर में फ़ूड कॉरपोरेशन ऑफ़ इंडिया (एफसीआई) में अब वॉचमैन की भर्ती परीक्षा लीक हुई है. सांठ-गांठ कर पेपर दिल्ली से लीक कराया गया. एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) को इसकी पहले ही भनक लग गई थी. इन्होंने ये पेपर 5-5 लाख रुपए में बेचा. मामले में ग्वालियर से दो एजेंट व 48 कैंडिडेट अरेस्ट किए गए हैं. एसटीएफ ने जिन 48 स्टूडेंट को पकड़ा है उनमें से 35 बिहार, 13 यूपी और हरियाणा के हैं. दोनों एजेंटों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 10 अप्रैल तक रिमांड पर दिया गया है. बाकी 48 कैंडिडेट्स को एसटीएफ सोमवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा.

बता दें कि मध्य प्रदेश में एफसीआई में वॉचमैन की भर्ती हो रही हैं. एफसीआई के वॉचमैन पद पर एमपी जोन के 217 पदों के लिए यह परीक्षा भोपाल, सागर, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, सतना एवं जबलपुर में रविवार को होना थी. रविवार को सुबह 11 बजे से 2 बजे तक पेपर होना था. इसका केंद्र भोपाल था. 700 कैंडिडेट्स इस परीक्षा में शामिल हुए. इसके लिए रविवार को भर्ती के लिए परीक्षा होनी थी. इससे पहले ही दिल्ली से लीक हुआ पेपर ग्वालियर में बेच दिया गया. पेपर 5-5 लाख रुपए में बिका. सॉल्वर ग्वालियर के एक होटल में पेपर करा रहे थे.

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परीक्षा के बाद पेपर मिलान से हुई लीक की पुष्टि
एसटीएफ डीएसपी सुनील शिवहरे के मुताबिक, उन्हें सात दिन पहले ही भनक लग गई थी कि पर्चा लीक कराकर भोपाल, ग्वालियर या रतलाम में हल कराया जाएगा. इस इनपुट पर दो दिन पहले शहर के सभी होटल, लॉज और होटल पर एसटीएफ ने नजर रखना शुरू कर दी थी. शनिवार को पता चला कि ग्वालियर के गांधी नगर स्थित सिद्धार्थ पैलेस में एफसीआई द्वारा आयोजित पेपर देने के लिए कैंडिडेट इकट्ठे हुए हैं. शनिवार की रात 9 बजे एसटीएफ टीम ने मौके पर दबिश दी. एसटीएफ ने सिद्धार्थ पैलेस होटल में जब दबिश दी तब अलग-अलग कमरों में कैंडिडेट्स के ग्रुप बनाकर पेपर हल करवाया जा रहा था. पुलिस ने इनसे हाथ से लिखा पर्चा भी जब्त किया है. रविवार दोपहर 2 बजे पेपर खत्म होने के बाद मिलान कराया गया तो इस बात की पुष्टि हो गई कि पेपर लीक हुआ था.

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दिल्ली का है मास्टरमाइंड
एसटीएफ ने बताया कि अरेस्ट किए गए दिल्ली के रहने वाले एजेंट आशुतोष कुमार और हरीश कुमार ने बताया कि उन्हें पेपर दिल्ली में रहने वाले किशोर कुमार ने मुहैया कराया था. शनिवार शाम तक मास्टर माइंड किशोर कुमार भी ग्वालियर में ही था. एसटीएफ के अनुसार कुछ एजेंट्स का काम कैंडिडेट्स को इकट्ठा करके पेपर सॉल्व कराना था. इसके एवज में उन्हें 30-30 हजार रुपए मिले थे.

वहीं, एसटीएफ ने जिन 48 स्टूडेंट को पकड़ा है उनमें से 35 बिहार, 13 उत्तर प्रदेश और हरियाणा के हैं. उन्होंने बताया कि उनसे 5-5 लाख रुपए में सौदा हुआ था. उन्होंने 50-50 हज़ार रुपए दिए थे, बाकी रूपए सिलेक्शन होने के बाद दिए जाते. दोनों एजेंटों को कोर्ट में पेश किया गया. जहां से उन्हें 10 अप्रैल तक रिमांड पर दिया गया है. 48 कैंडिडेट्स को एसटीएफ सोमवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा.