शिवराज सरकार के 11 सालों के जश्न के चलते मध्यप्रदेश खुशियों की मिठास हैं लेकिन वहीं सरकार के अन्य फैसले के चलते गरीबों की चाय सहित अन्य मीठी चीज़ो में महंगाई की कड़वाहट घुल गई है।

सरकार ने एक ऐसा फैसला लिया है जिसके चलते गरीबी से जूझ रहे गरीबों पर महंगाई की दोहरी मार पड़ी है। अब यहां सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत दी जाने वाली शक्कर के दाम 13 रुपये 50 पैसे से बढ़ाकर 20 रुपये किलोग्राम कर दिए गए हैं। इस तरह शक्कर के दाम साढ़े छह रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बढ़ गए हैं। यह भी पढ़ें: नोटबंदी का फैसला लेने से पहले PM मोदी ने ये सोचा होता तो इनकी ये दुर्दशा न होती

राज्य सरकार की ओर से बुधवार रात जारी एक आधिकारिक बयान जारी कर इस बात की जानकारी दी गई कि बाजार की स्थितियों को देखते हुए शक्कर वितरण की उपभोक्ता दर में इजाफा किया गया है।

सार्वजनिक वितरण प्रणाली के पात्र हितग्राहियों को दिसम्बर से शक्कर नई दर पर दी जाएगी। इससे पहले शक्कर की दर वर्ष 2002 में तय की गई थी।

आधिकारिक बयान में शक्कर की दर में बढ़ोत्तरी को लेकर दिए गए तर्क के मुताबिक, वर्ष 2002 से आज की स्थिति यानी 14 वर्षो के अंतराल में थोक उपभोक्ता सूचकांक में लगभग ढाई गुना की वृद्धि हो चुकी है।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2002 में जब पात्र उपभोक्ताओं के लिए शक्कर का मूल्य 13.50 रुपये प्रति किलोग्राम निर्धारित किया गया था, तब शक्कर का खुदरा बाजार मूल्य लगभग 19 रुपये प्रति किलोग्राम था। वर्तमान में शक्कर का खुदरा बाजार मूल्य दोगुना बढ़कर लगभग 40 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया है।

सरकार की ओर से कहा गया है कि शक्कर के बाजार भावों में निरंतर मूल्य वृद्धि के बावजूद पात्र उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखकर शक्कर के वर्तमान बाजार भाव लगभग 40 रुपये प्रति किलोग्राम की तुलना में पीडीएस शक्कर के उपभोक्ता मूल्य में आंशिक बढ़ोतरी कर उसे 20 रुपये प्रति किलोग्राम किया गया है।