इंदौर: आम आदमी पार्टी मध्य प्रदेश में होने वाले आगामी विधान सभा चुनाव के मद्देनज़र प्रदेश में पोहा चौपाल के जरिये लोगों से जुड़ने का प्रयास कर रही है. आम आदमी पार्टी की पोहा चौपाल को स्थानीय भाजपा नेताओं ने बीजेपी की चाय पर चर्चा अभियान की नक़ल बताया था. इस पर आप नेता संजय सिंह ने पलटवार करते हुए इसे आम आदमी पार्टी का मौलिक अभियान बताया.
‘पोहा चौपाल’ की भाजपा की ‘चाय पर चर्चा’ से तुलना किए जाने पर और इस प्रयोग को भाजपा के पुराने अभियान की नकल कहे जाने पर आम आदमी पार्टी ने इसे सिरे से खारिज करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश में इस साल होने वाले विधान सभा चुनावों से पहले उसका शुरू किया गया ‘पोहा चौपाल’ का प्रयोग भारतीय जनता पार्टी के ‘चाय पर चर्चा’ के पुराने अभियान की नकल नहीं है बल्कि पीएम मोदी ने पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान जो चाय पर चर्चा अभियान चलाया था वो आम आदमी पार्टी का अनुसरण था.

चाय पर चर्चा अभियान भी आम आदमी पार्टी का

आम आदमी पार्टी के राज्य सभा सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता संजय सिंह ने इंदौर प्रेस क्लब में संवाददाताओं से कहा कि आम लोगों से चाय पर चर्चा का अभियान देश में सबसे पहले आम आदमी पार्टी ने ही शुरू किया था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले लोकसभा चुनाव से पहले इस मामले में हमारा अनुसरण किया था. उसी तरह से मध्य प्रदेश में पोहा चौपाल का आयोजन भी हमारा मौलिक प्रयोग हैं. उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश के लोग सत्तारूढ़ भाजपा से त्रस्त हैं और कांग्रेस को सत्ता में लाना नहीं चाहते ऐसे में हम राज्य में सियासी विकल्प बनने की कोशिश कर रहे हैं.

अब पोहे के साथ मध्य प्रदेश की समस्यायों पर चर्चा करेंगे आप

एक पत्रकार द्वारा ये पूछे जाने पर कि पोहा चौपाल ही क्यों ? आम आदमी पार्टी के प्रदेश संयोजक आलोक अग्रवाल ने कहा कि पोहा ऐसा व्यंजन है जो मध्यप्रदेश के हर कोने में मिल जाता है. इसलिये हमने आम जनता से सीधे जुड़कर उनके मुद्दों पर चर्चा के लिये प्रदेश भर में पोहा चौपाल लगाने का अभियान शुरू किया है. उन्होंने बताया कि पोहा चौपाल के दौरान विभिन्न विषयों के विशेषज्ञों, चिकित्यकों, शिक्षकों, समाजसेवियों आदि से भी मुलाकात की जायेगी. आम आदमी पार्टी इस चर्चा में मिली प्रतिक्रियाओं के आधार पर राज्य के आगामी विधानसभा चुनावों के लिये घोषणा पत्र तैयार करेगी.