मुंबई. बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार न तो आरक्षण की नीति को खत्म करेगी, न किसी और को ऐसा करने देगी. शाह का यह बयान उच्चतम न्यायालय के एक फैसले के बाद पैदा हुए विवाद के बीच आया है. कोर्ट ने हाल में एक फैसला दिया था जिसके बारे में कई लोगों का मानना है कि उसके जरिये अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति अधिनियम को कमजोर कर दिया गया. न्यायालय का फैसला आने के बाद दलित संगठनों द्वारा आहूत भारत बंद के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों में हिंसा की घटनाएं हुई थीं. बीजेपी अध्‍यक्ष ने शुक्रवार को यह मुंबई में दिया है.

शाह ने यहां एक रैली को संबोधित करते हुए आगामी लोकसभा चुनाव में भाजपा का मुकाबला करने के लिए एक गठबंधन बनाने का प्रयास कर रही विपक्षी पार्टियों की तुलना सांप, नेवले, कुत्ते और बिल्लियों से की. उन्होंने विपक्ष पर संसद के बजट सत्र को नहीं चलने देने का आरोप लगाया. संसद का बजट सत्र शुक्रवार को समाप्त हो गया.

शाह ने अपने भाषण के दौरान उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मोदी सरकार ने समाज के सभी वर्गों के लिए बहुत काम किया है और भाजपा इन्हीं कामों के आधार पर वर्ष2019 के लोकसभा चुनावों में जीत हासिल करेगी, न कि खोखले आश्वासनों के जरिए.

बीजेपी के 38 वें स्थापना दिवस के मौके पर शाह ने कहा, ” राहुल गांधी और अन्य लोग कह रहे हैं कि हम अजा और अजजा के लिए आरक्षण को खत्म कर रहे हैं. हम किसी भी प्रकार से आरक्षण( नीति) को समाप्त नहीं कर रहे.”

उन्होंने कहा, ” राहुल और पवार सुन लें, बीजेपी कभी भी आरक्षण नीति को खत्म नहीं करेगी. और अगर आप आरक्षण को खत्म भी करना चाहेंगे तो भाजपा आपको ऐसा करने नहीं देगी”. (इनपुट-एजेंसी)