नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को जलियांवाला बाग हत्याकांड के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा, कि शहीदों के अदम्य साहस और त्याग को हमेशा याद रखा जाएगा. उन्होंने कहा कि इन शहीदों ने हमारी आजादी के लिए अपनी जिंदगी कुर्बान कर दी थी.
गौरतलब है कि 13 अप्रैल 1919 को वैशाखी के दिन पंजाब प्रांत के अमृतसर में जलियांवाला बाग हत्याकांड हुआ था. जहां  ब्रिटिश सरकार द्वारा लाए गए रोलेट एक्ट का विरोध करने के लिए आयोजित शांतिपूर्ण सभा पर जनरल डायर ने गोलियां चलवा दी थी, जिसके चलते बड़ी संख्या में निर्दोष लोग मारे गए थे और सैकड़ों लोग घायल हो गए थे. अनाधिकारिक आंकड़ों के अनुसार जलियांवाला बाग कांड में 1 हजार से अधिक लोग मारे गए थे और 2 हजार से ज्यादा लोग घायल हो गए थे.
यह एक ऐसी घटना थी जिसने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में उबाल ला दिया था. इस घटना की प्रतिक्रिया स्वरुप पूरे देश में विरोध प्रदर्शनों, हड़ताल और बहिष्कार की झड़ी लग गई थी. माना जाता है कि यह घटना ही भारत में ब्रिटिश शासन के अंत की शुरुआत बनी.
2013 में ब्रिटिश प्रधानमंत्री डेविड कैमरन इस स्मारक पर आए थे और उन्होंने विजिटर्स बुक में लिखा था कि यह ब्रिटिश इतिहास की एक शर्मनाक घटना थी.