नई दिल्ली: अगर आप नई नौकरी ज्वाइन कर रहे हैं और पुरानी जाॅब के पीएफ का पैसा नए पीएफ अकाउंट में ट्रांसफर करना चाहते हैं, तो यह बहुत ही आसान है. डिजिटल इंडिया अभियान के तहत कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने अपने सदस्यों को सहूलियत देने की दिशा में कई कदम उठाए हैं. इसी क्रम में उसने सदस्यों की कंपनी बदलने की स्थिति में नए पीएफ अकाउंट में पुरानी कंपनी के पीएफ के पैसे ट्रांसफर करने की सुविधा दी है.

ईपीएफओ ने अगस्त 2018 से कागज रहित कामकाज का लक्ष्य तय किया है. इसी के तहत संगठन ने कंपोजिट डेक्लेरेशन फॉर्म (F-11) जारी किया है. इस फॉर्म के जरिए नए अकाउंट में पुराने कंपनी के पैसे ट्रांसफर किए जा सकते हैं. नई नौकरी जॉइन करते वक्त एंप्लॉयी को एफ- 11 फॉर्म भरना होगा. इस फॉर्म के जरिए एंप्लॉयी भविष्य निधि में अपने योगदान और पुरानी कंपनी में काम करने के दौरान जमा हुई पीएफ की रकम को नए अकाउंट में ऑटोमैटिक ट्रांसफर का आवेदन दिया जाता है. जिन लोगों ने ईपीएफओ में अब तक कोई योगदान नहीं दिया. उन्हें अपना योगदान शुरू करने के लिए भी यही फॉर्म भरना होगा.

अब क्लेम करने के 5 दिन के भीतर ही मिल जाएगा पीएफ का पैसा

भरनी होंगी ये डिटेल
इस फॉर्म में आधार नंबर, पर्मानेंट अकाउंट नंबर (पैन), यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (यूएएन), जिस कंपनी को छोड़ा है उसे जॉइन करने और छोड़ने की तिथि जैसे डीटेल साथ ही कंपनी का नाम-पता भरना होगा. फॉर्म को भरने के बाद नई कंपनी में इसे जमा कराना होगा. वह फॉर्म में दी गई जानकारी को ईपीएफओ की वेबसाइट पर डालेंगे. तब ईपीएफओ आधार के जरिए आपका वेरिफिकेशन करेगा.

आम तौर पर फॉर्म जमा करने के बाद फंड ट्रांसफर रिक्वेस्ट पूरा होने में 20 दिन का समय गलता है, लेकिन ऑनलाइन रिक्वेस्ट हो तो काम बहुत कम वक्त में ये काम हो जाता है. एक बार वेरिफिकेशन पूरा हो जाने पर पुरानी कंपनी के पैसे आपके नए पीएफ अकाउंट में जमा हो जाएंगे.

यह नया फॉर्म पहले के फॉर्म 13 की जगह लाया गया है. फॉर्म 13 के जरिए लोग जॉब बदलने पर नए अकाउंट में पुराने अकाउंट का फंड ट्रांसफर करने का आवेदन देते थे. जिन्होंने ईपीएफओ के साथ अपना आधार वेरिफिकेशन नहीं करवाया है, उन्हें फंड ट्रांसफर के लिए अब भी इसी फॉर्म का सहारा लेना होगा.