आज सावन का दूसरा सोमवार है. शिव भक्तों के लिए इस दिन यह यह जान लेना जरूरी है कि शिव शंकर किन 5 चीजों से प्रसन्न होते हैं. अगर संभव हो तो ये 5 चीजें आप भोले को अर्पण करें, आपके जीवन में अपार खुशियां आएंगी…

भांग बनाएगा भाग्यः जल में मिला भंग हो या गोला बनाकर अर्पण किया गया भाग, भगवान शिव इससे अत्यधिक प्रसन्न होते हैं. ऐसी पौराणिक कथा है कि देवताओं और दानवों द्वारा किए गए समुद्र मंथन से बाहर आया विष भगवान शिव ने अपने कंठ में धारण कर लिया था. विषपान के बाद शिव मूर्छित हो गए थे. शिव पुराण में उल्लेख है कि भगवान शिव को होश में लाने के लिए देवताओं ने भांग का ही प्रयोग किया था. इसी वजह से शिव की पूजा में भांग का प्रयोग अवश्य करना चाहिए.

आक से दुश्मन होंगे चित्तः आपने धतूरे और भांग का जिक्र सुना होगा लेकिन आपको बता दें कि आक भी एक तरह का नशीला पदार्थ है. आयुर्वेद उपचार में आक औषधि के रूप में इस्तेमाल होता है. इसके औषधीय गुणों के कारण ही आक का प्रयोग भोलेनाथ की पूजा में किया जाता है. मान्यता है इसके प्रयोग से दुश्मनों से मुक्ति मिलती है.

धतूरे का महत्वः धतूरा आमतौर पर भक्त भगवान शिव को चढ़ाते ही हैं. ये भी एक नशीला पदार्थ है. ऐसी मान्यता है कि भगवान शिव धतूरा चढ़ाने से प्रसन्न होते हैं. अगर शिव शंकर को प्रसन्न करना है तो पूजन सामग्री में धतूरा अवश्य शामिल करें.

सफैद कनईल का असरः कनैल पुष्प का प्रयोग कई देवी-देवताओं की पूजा में होता है. देवी की पूजा में जहां लाल रंग के कनईल का इस्तेमाल होता है वहीं भगवान विष्णु के लिए पीले रंग के कनईल का इस्तेमाल करते हैं. अगर आपको भगवान शिव को प्रसन्न करना है तो उन्हें आप सफेद रंग का कनईल अर्पित करें. भगवान शिव को सफेद कनईल पसंद है. इसका तांत्रिक प्रयोग भी किया जाता है.

बेलपत्र देता है शीतलताः बेलपत्र में माता पार्वती का प्रतिबिंब होने के कारण इसे भगवान शिव पर चढ़ाया जाता है. भगवान शिव पर बेल पत्र चढ़ाने से वे प्रसन्न होते हैं और भक्त की मनोकामना पूर्ण करते हैं. बेलपत्र की तासीर ठंडी होती है. इसलिए इसका प्रयोग भगवान शिव की पूजा में किया जाता है. इसके पीछे भी शिव जी का विषपान करना भी वजह माना जाता है. मान्यताओं के अनुसार बेलपत्र भोलेनाथ पर चढ़ाने से भक्तों के कई जन्मों के पाप कट जाते हैं.