सांप… नाम सुनते ही एक सिरहन-सी दौड़ने लग जाती है. लोग भय से भर जाते हैं. क्या आपको पता है कि सांप का भी एक दिवस होता है? जी हां…  16 जुलाई को विश्व सर्प दिवस मनाया जा रहा है. आज दुनिया भर में लोग सांप के प्रति अपना प्यार दिखाने के लिए तरह-तरह के आयोजन करते हैं. लोगों को सांप के बारे में जागरूक करते हैं.

लोग सांप से इतना घबराते हैं कि उसे देखते ही मारने की कवायद शुरू कर देते हैं. उन्हें शायद पता नहीं कि दुनिया भर में 2500 से ज्यादा तरह के सांप पाए जाते हैं. इनमें से केवल 20 प्रतिशत सांप ही जहरीले होते हैं. कमाल की बात यह है कि जितने सांप लोग डरकर मार देते हैं, उनमें से 10 प्रतिशत सांप भी जहरीले नहीं होते.

सांप के बारे में कुछ रोचक बातेंः-

  • भारत में करीब 300 प्रजाति के सांप पाए जाते हैं इनमें से करीब 50 प्रजाति ही विषैली होती है.
  • सांप अपने शिकार चबाते नहीं बल्कि निगलते हैं.
  • सांप की उम्र 4-25 वर्ष के बीच होती है.
  • किंग कोबरा जहरीले सांपो में सबसे लंबा होता है.
  • ब्राजील के स्नेक आइलैंड में सांपो आबादी सबसे घनी है.
  • कुछ सांपो के दो मुंह भी पाए जाते हैं. ऐसे सांप के दो दिमाग भी होते हैं जो अपने हिसाब से साझा शरीर को कंट्रोल करते हैं. कभी-कभी खाने को लेकर दोनों मुंह के बीच लड़ाई भी होती है.
  • एक शोध के बाद दावा किया गया कि सांप की एक प्रजाति ऐसी होती है जो बिना पुरुष सांप के भी अंडे पैदा कर सकती है.
  • ग्रास स्नेक और स्पिटिंग कोबरा की एक प्रजाति ऐसी होती है जो खतरा महसूस होने पर मरने का नाटक कर लेते हैं. उनका शरीर अकड़ जाता है, जबान बाहर निकल आती है और पीछे से कुछ तरल पदार्थ छोड़ देते हैं. लोग मरा हुआ समझकर चले जाते हैं तो फिर वो अपनी नेचुरल अवस्था में आ जाता है.

कैसे शुरू हुआ विश्व सर्प दिवस
टेक्सास में सन् 1967 में सांपो को लेकर एक फर्म शुरू हुई जो 1970 तक काफी मशहूर हो गई. इस फर्म ने लोगों को सांपो के बारे में जागरूक करना शुरू कर दिया. इसे फर्म ने 16 जुलाई को विशेष आयोजन किए जिसके बाद कई एनजीओ ने इस दिन सांपो के बारे में जागरूकता फैलाना शुरू कर दिया और फिर आम लोगों में प्रचलित हो गया.