भिवानी: हरियाणा पुलिस ने राजस्थान की एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी के कर्मचारियों को फर्जी डिग्री बेचने का गिरोह चलाने के आरोप में गिरफ्तार किया है. भिवानी पुलिस ने राजस्थान स्थित एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी से फर्जी डिग्री देने वाले चार कर्मचारियों को कम्प्यूटर, लेपटॉप और कुछ रिकॉर्ड सहित गिरफ्तार किया है. पुलिस ने ये कार्रवाई एक शिकायत मिलने के बाद की है. भिवानी के गांव रूपगढ़ निवासी बिजेंद्र ने थाना शहर भिवानी में शिकायत दर्ज करवाई थी कि राजस्थान के चुरू स्थित एक ओपीजेएस नामक एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी के कुछ कर्मचारी फर्जी डिग्री देने का धंधा चला रहे हैं. इस पर कार्रवाई करते हुए एसपी सुरेंद सिंह भौरिया ने डीएसपी सिवानी संजय बिश्नोई के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया.

यूनिवर्सिटी में कई गड़बड़ियां
एसपी के निर्देश पर एसआईटी ने गहनता से जांच की और ओपीजेएस यूनिवर्सिटी में छापेमारी की. जांच के बाद यूनिवर्सिटी में कार्यालय में कई खामियां पाई गईं. एसआईटी ने यहां कार्यरत चार कर्मचारियों को गिरप्तार किया. पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपी दीपक, नवीन, अनिल और कृष्ण ने अपना आरोप कबूला है. आरोपियों से कम्प्यूटर, लेपटॉप व अन्य रिकॉर्ड बरामद कर आगे की जांच की जा रही है.

शिकायत पर छापा मारा
एसआईटी हैड डीएसपी संजय बिश्नोई ने बताया कि इसी 5 अप्रैल को सिटी थाना में शिकायत मिली थी कि चुरू स्थित एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी में कार्यरत कुछ कर्मचारी मोटे पैसे लेकर फर्जी डिग्री दे रहे हैं. उन्होंने बताया कि इस शिकायत के आधार पर जब यूनिवर्सिटी में छापा मारा गया तो पाया गया कि यहां पर वास्तव में कुछ कर्मचारी मिलीभगत कर पैसे लेकर फर्जी डिग्री दे रहे हैं.

लैपटॉप, कम्प्यूटर और रिकॉर्ड जब्त
एसआईटी हैड डीएसपी बिश्नोई ने बताया कि इस शिकायत के आधार पर यूनिवर्सिटी में कार्यरत कलर्क स्तर के चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इसी संबंध में पुलिस ने रोहतक में भी छापेमारी की वहां से लैपटॉप, कम्प्यूटर और कुछ रिकॉर्ड बरामद किया.

रोहतक में फर्जीवाड़ा के लिए ऑफिस
डीएसपी संजय बिश्नोई ने बताया कि रोहतक में इस पूरे गोरखधंधे का हैड ऑफिस बनाया गया था, जहां से देश भर के युवाओं को ठगने के लिए फीस तथा अन्य कागजाद जमा करवाए जाते थे.

तीन साल की फीस एकमुश्त चुकाने पर मिलती थी डिग्री
ऐसे युवा जो बिना पढे़ लिखे और पेपर दिए बिना ही पास होने का इच्छुक होता, उससे डिग्री के लिए तीन साल की फीस एक साथ लेकर फर्जी डिग्री दे दी जाती थी. बीए की डिग्री के लिए करीब 22 हजार रुपए एक साल के हिसाब से वसूले जाते थे. डीएसपी ने बताया कि आरोपियों से अभी पूछताछ जारी है. (इनपुट एजेंसी)