जयपुर. यहां एक राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) कार्यकर्ता ने खुद को आग के हवाल कर दिया. उसके दोस्तों का कहना है कि 2 अप्रैल को हुए भारत बंद की वजह से वह दुखी था. उस दिन के बाद से वह लगातार इसे लेकर चिंतित रहता था. बताया जा रहा है कि आग की लपटों के बीच वह भारत माता की जय के नारे लगा रहा था.

45 साल के रघुवीर शरण ने 2 अप्रैल को भारत बंद के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डाली थी. उनका कहना था कि कुछ राजनीतिक पार्टियां भाई को भाई से लड़वा कर अपना स्वार्थ सिद्ध करना चाहती हैं. बताया जा रहा है कि रघुवरी करीब 100 मीटर तक जलते हुए रोड तक आ गया था. वहां मौजूद लोग आग पर काबू पाने के बाद उसे नजदीक के अस्पताल ले गए. वहां से उसकी हालत गंभीर होने पर उसे दिल्ली ले जाया गया. वह 80 फीसदी तक जल गया है.

2 अप्रैल को था भारत बंद
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा एससी/एसटी एक्ट में बदलाव को लेकर कई दलित संगठनों ने पूरे भारत में बंद रखा था. उन्हें कई पार्टियों का भी समर्थन मिला था. उनकी मांग थी कि अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 में संशोधन को वापस लेकर एक्ट को पूरी तरह लागू किया जाए.

सुप्रीम कोर्ट ने दिए थे निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने 20 मार्च को अनुसूचित जाति, जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 के दुरुपयोग को रोकने को लेकर गाइडलाइन जारी की थी. इसमें कहा गया था कि सरकारीकर्मी की इसमें तुरंत गिरफ्तारी नहीं होगी, बल्कि सक्षण अथॉरिटी के निर्देश पर ही उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है. वहीं आम लोगों के लिए निर्देश था कि उनकी गिरफ्तारी एसएसपी की इजाजत से होगी. इसके साथ ही अग्रिम जमानत पर मजिस्ट्रेट निर्णय लेंगे.