कोलकाता: भारत और श्रीलंका के बीच पिछले कुछ साल में जरूरत से ज्यादा क्रिकेट के बारे में भारतीय कप्तान विराट कोहली ने बुधवार को कहा कि इसे लेकर फैसला दर्शक ही करेंगे. भारत ने श्रीलंका में 2015 में टेस्ट श्रृंखला खेली और फिर 2016 में अपनी सरजमीं पर सीमित ओवरों की श्रृंखला खेली. इस साल घरेलू और उनकी धरती पर पूर्णकालिक टेस्ट श्रृंखला खेल रहे हैं. भारतीय टीम 2018 में इंडिपेंडेंस कप टी20 टूर्नामेंट खेलने श्रीलंका जायेगी.

कोहली से जब यह पूछा गया कि क्या भारत और श्रीलंका के मुकाबले अपनी चमक खो रहे हैं, कोहली ने कहा ,‘‘इस पर गौर किया जायेगा क्योंकि आप कभी नहीं चाहेंगे कि दर्शक खेल देखना छोड़ दें. हमें खिलाड़ियों को तरोताजा रखने और दर्शकों का मनोरंजन करने के बीच संतुलन बनाये रखना होगा. इसके साथ ही क्रिकेट को रोमांचक बनाये रखना भी जरूरी है. इस बारे में भविष्य में बात की जायेगी.’’ भारतीय कप्तान का मानना है कि खेल में सबसे अहम प्रशंसक हैं और उनकी राय लेना बहुत जरूरी है.

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उन्होंने कहा ,‘‘ इस पर विश्लेषण करना होगा. दर्शकों से पूछना होगा. जो खेल देख रहा है, उसका नजरिया खेलने वालों से एकदम अलग होगा.’’ उन्होंने कहा ,‘‘हम यह नहीं कह सकते कि यह मैच नहीं खेलना चाहते या बल्लेबाजी करने का मन नहीं हो रहा है. इसकी कोई गुंजाइश नहीं है क्योंकि आपके आउट होने पर टीम हार जायेगी.’’ कोहली ने साफ तौर पर कहा कि क्रिकेटरों को हर उस टीम के खिलाफ खेलना होता है जो उनके सामने हैं लेकिन दर्शकों के सामने विकल्प है कि वे क्या देखें और क्या नहीं.

उन्होंने कहा ,‘‘क्रिकेट देख रहे प्रशंसक इस बारे में बेहतर बता सकेंगे कि क्या एक ही श्रृंखला का दोहराव अधिक हो रहा है. हम देश के लिये खेल रहे हैं और हर श्रृंखला उतनी ही शिद्दत से खेलेंगे.’