भारत अरुण को टीम इंडिया का बॉलिंग कोच बनाए जाने की रवि शास्त्री की इच्छा परवान चढ़ती दिख रही है. हाल ही में सौरव गांगुली, सचिन तेंदुलकर और वीवीएस लक्ष्मण की क्रिकेट अडवायजरी कमिटी (सीएसी) ने रवि शास्त्री को टीम इंडिया का नया कोच नियुक्त करने की घोषणा करने के साथ ही जहीर खान को बॉलिंग कोच और राहुल द्रविड़ को विदेशी दौरों के लिए टीम इंडिया का बैटिंग कोच नियुक्त करने की घोषणा की थी.

लेकिन रवि शास्त्री सीएसकी की मर्जी के खिलाफ अपने भरोसेमंद भारत अरुण को पूर्णकालिक बॉलिंग कोच के तौर पर लाना चाहते थे. अब ऐसा लगता है कि शास्त्री की योजना परवान चढ़ रही हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रशासकों की समिति (सीओए) ने शास्त्री की कोच पद पर नियुक्ति को तो मंजरी दे दी है लेकिन जहीर और द्रविड़ के नामों पर मुहर नहीं लगाई है.

साथ ही मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सीओए ने शास्त्री की मांग को स्वीकार करते हुए भारत अरुण को टीम इंडिया पूर्णकालिक बॉलिंग कोच बनाए जाने को मंजूरी दे दी है. बॉलिंग कोच के रूप में अरुण का पहला कार्यकाल 26 जुलाई से शुरू होने वाले टीम इंडिया का श्रीलंका दौरा होगा.

बीसीसीआई के सूत्रों का कहना है कि सीओए शास्त्री की इस बात से सहमत है कि कोच को एक पूर्णकालिक बॉलिंग कोच की जरूरत होगी और उन दोनों के बीच स्पष्ट संवाद होना चाहिए. जहीर को बॉलिंग कोच बनाए जाने का फैसला होल्ड पर रखा गया है और इस पर अंतिम फैसला बीसीसीआई की चार सदस्यीय पैनल की बैठक के बाद किया जाएगा. वैसे शास्त्री ने जहीर की नियुक्ति से कोई आपत्ति नहीं जताई है लेकिन जहीर की पूरे साल के लिए अनुपलब्धता की वजह से शास्त्री ने भारत अरुण के रूप में एक पूर्णकालिक कोच की मांग की है.

बीसीसीआई के इन चार सदस्यों में बीसीसीआई के कार्यकारी अध्यक्ष सीके खन्ना, सीईओ राहुल जौहरी, डायना एल्डुजी और बीसीसीआई के कार्यकारी सचिव अमिताभ चौधरी शामिल हैं, जो 19 जुलाई को बैठक करेंगे. नई समिति 22 जुलाई को अपनी सिफारिशें सीओए को देगी. इस समिति का काम नए कोच रवि शास्त्री का वेतन तय करना और नए सपोर्ट स्टाफ पर अपनी सिफारिश देना है. रवि शास्त्री सोमवार को खुद बॉलिंग कोच के मुद्दे पर सीओए प्रमुख विनोद राय से मुलाकात करेंगे.

रवि शास्त्री ने स्पष्ट किया है कि उन्हें जहीर और द्रविड़ जैसे जानकार लोगों के साथ काम करने में खुशी होगी लेकिन उन्हें अपनी पसंद के पूर्णकालिक सपोर्ट स्टाफ भी चाहिए. शास्त्री ने कहा, ‘बीसीसीआई निश्चित तौर पर जहीर और द्रविड़ जैसे लोगों को सलाहकार के तौर पर ला सकती है, उनका अनुभव अमूल्य है. लेकिन जहां तक पूर्णकालिक सपोर्ट की बात है तो इस बारे में मैं निर्णय लूंगा क्योंकि मुझे ही अगले दो सालों तक इन लोगों के साथ काम करना है.’

80 के दशक में अंडर-19 के दिनों से ही शास्त्री और अरुण अच्छे दोस्त रहे हैं और 2014 में जब शास्त्री को टीम इंडिया का डायरेक्टर बनाया गया था तो वह भारत अरुण को बॉलिंग कोच के रूप में लाए थे. अरुण और शास्त्री अपने पदों पर 2016 टी20 वर्ल्ड कप तक रहे.