नई दिल्ली. कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय वेटलिफ्टर का पावरफुल प्रदर्शन लगातार जारी है. महिला कैटेगरी में बैक टू बैक मिली दो गोल्डन कामयाबी के बाद भारत की झोली में तीसरा सोने का तमगा वेटलिफ्टिंग स्पर्धा के मेंस कैटेगरी में गिरा है. पुरुषों के वर्ग में भारत के लिए ये सुनहरी जीत हासिल की है सतीश कुमार शिवालिंगम ने. पुरुषों के 77 किलो कैटेगरी में सतीन शिवालिंगम मे कुल 317 केजी का भार उठाकर हिंदुस्तान को सोना दिलाया.सतीश शिवालिंग को मिली ये गोल्डन जीत खास है क्योंकि इसमें दर्द का एहसास है. ये सुनहरी कामयाबी सतीश ने अपनी हैमस्ट्रिंग इजरी से जूझते हुए हासिल की है.  कॉमनवेल्थ गेम्स में सोना जीतने का कमाल सतीश शिवालिंगम ने लगातार दूसरी बार किया है. 4 साल पहले उन्होंने ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स में भी सोना जीता था और अब 4 साल बाद गोल्ड कोस्ट में भी उन्होंने सुनहरी जीत के साथ तिरंगे का मान बढ़ाया है.

गोल्ड कोस्ट में सतीश शिवालिंगम की इस कामयाबी की टीम इंडिया के पूर्व धाकड़ बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने जमकर सराहना की है. सहवाग ने इसे बड़ी उपलब्धि बताते हुए ट्वीट किया, ” हैमस्ट्रिंग इंजरी के बाद ऐसी जबरदस्त वापसी लाजवाब है. ग्लास्गो के बाद गोल्ड कोस्ट में सोना जीतने के लिए शुक्रिया.”

सतीश की ‘गोल्डन’ कामयाबी

77 किलो वर्ग के वेटलिफ्टिंग इवेंट में शिरकत कर रहे सतीश शिवालिंगम ने स्नैच कैटेगरी में 144 किलो का वजन उठाया वहीं क्लीन एंड जर्क राउंड में उन्होंने 173 केजी का भार उठाया और इस तरह कुल 317 केजी वजन उठाकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया. भारत के सतीश शिवालिंगम के बाद दूसरे नंबर पर इंग्लैंड से ओलिवर रहे, जिन्होंने स्नैच और क्लीन एंड जर्क मिलाकर कुल 312 केजी वजन उठाया और सिल्वर मेडल जीते. वहीं, इस कैटेगरी में ऑस्ट्रेलिया के फ्रांकोइस इटॉन्डी को ब्रॉन्ज मेडल मिला. ऑस्ट्रेलियाई वेटलिफ्टर ने स्नैच और क्लीन एंड जर्क मिलाकर कुल 305 किलो वजन उठाया.

वेटलिफ्टिंग में मेडल की बौछार

इससे पहले भारत को भारत ने वेटलिफ्टिंग में दो और गोल्डन जीत वूमेंस कैटेगरी में हासिल की. महिलाओं की 48 केजी कैटेगरी में जहां मीराबाई चानू ने भारत के लिए स्वर्ण पदक जीता वहीं 53 किलो में सुशीला चानू ने देश को सोना दिलाया. इन गोल्डन कामयाबियों के अलावा   भारत ने वेटलिफ्टिंग में एक सिल्वर मेडल और एक ब्रॉन्ज मेडल भी जीता है. भारत के लिए चांदी का तमगा गुरुराजा पुजारी ने हासिल किया जबकि दीप लाथेर ने ब्रॉन्ज मेडल जीतकर देश के लिए पदक जीतने वाले सबसे युवा वेटलिफ्टर बने.