नई दिल्ली: केपटाउन टेस्ट में गेंद से छेड़छाड़ करने के मामले में क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (सीए) द्वारा लगाए गए एक साल के प्रतिबंध के बाद ऑस्ट्रेलिया के पूर्व उप-कप्तान डेविड वॉर्नर ने माना कि शायद अब वह अपने देश के लिए कभी क्रिकेट ना खेल पाएं. वॉर्नर ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में गेंद से छेड़छाड़ करने के प्रकरण में अपनी भूमिका निभाने की बात कबूली और अपने समर्थकों, सीए, क्रिकेट साउथ अफ्रीका एवं अपने परिवार से माफी भी मांगी.

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क्रिकइन्फो के मुताबिक, प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने इस मामले में शामिल टीम के अन्य खिलाड़ियों एवं उनके अपने संबंध से जुड़े सवालों के जवाब नहीं दिए. प्रेस कॉन्फ्रेंस के खत्म होने के दो घंटों के भीतर वॉर्नर ने ट्वीट किया, “मैं जानता हूं कि कई ऐसे प्रश्न हैं, जिनका उत्तर दिया जाना है. मैं इसे पूरी तरह से समझता हूं. मैं अभी सभी सवालों के जवाब देने की कोशिश करूंगा, लेकिन मुझे सीए की औपचारिक प्रक्रिया का पालन करना होगा.”

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वॉर्नर ने लिखा, “मैं इस प्रक्रिया का पालन करूं और सभी प्रश्नों का सही समय पर उत्तर दूं इसलिए मैं सलाह भी ले रहा हूं. मुझे प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह बात कहनी चाहिए थी. इसके लिए मैं माफी मांगता हूं. मेरे परिवार और क्रिकेट के लिए बहुत कुछ दांव पर लगा है और मुझे इस प्रक्रिया का ठीक से पालन करना होगा.”

इससे पहले वॉर्नर ने माना कि शायद अब वह अपने देश के लिए कभी क्रिकेट नहीं खेल पाएं. वॉर्नर ने कहा, “मैं यहां केपटाउन में खुद की भूमिका और मैंने जो किया उसकी जिम्मेदारी लेने आया हूं. मुझे बहुत खेद है कि यह निर्णय पूरे जीवन भर मुझ से जुड़ा रहेगा. मेरे लिए यह जानना बेहद दुखद है कि मैं अपने साथी खिलाड़ियों के साथ मैदान पर नहीं उतर पाऊंगा, जिनसे मैं प्रेम करता हूं और जिन्हें मैंने निराश किया. अभी यह जानना बहुत मुश्किल है कि आगे क्या होगा, लेकिन मेरे परिवार का सुखी रहना मेरी पहली प्राथमिकता है. मैं अपने परिवार से माफी मांगना चाहता हूं.”

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वॉर्नर ने आगे कहा, “मैं चाहता हूं कि एक दिन फिर मुझे अपने देश के लिए खेलने का मौका मिले, लेकिन हो सकता है कि शायद वह दिन अब कभी न आए. जो हुआ उसके लिए मैं अपनी गलती मानता हूं. मैं ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम के उप-कप्तान के रूप में अपनी जिम्मेदारियों को निभाने में विफल रहा.”

उन्होंने कहा, “हम जानते हैं कि जब इस तरह के गलत फैसले लिए जाते हैं तो उसका परिणाम क्या होता हैं. हमने अपने देश को शर्मसार किया और एक गलत फैसला लिया. उसमें मेरी भी भूमिका थी और ऑस्ट्रेलियाई जनता का भरोसा फिर जीतने में हमें काफी समय लगेगा.”