नई दिल्ली. पंजाब के खिलाफ T20 मुकाबले का अंत धोनी ने अपने चिर-परचित अंदाज में किया. उन्होंने मैच की आखिरी गेंद पर छक्का जड़ा और गेम फीनिश किया. हालांकि, आमतौर पर जीत की गारंटी बनने वाला इस तरह का छक्का उनकी टीम के लिए मोहाली का मैदान नहीं मार सका. लेकिन, आखिरी गेंद पर लगाए छक्के के बूते धोनी ने क्रिकेट फैंस का दिल जरूर जीत लिया. दूसरे लहजे में कहें तो धोनी यहां हारकर भी जीत गए. उन्होंने एक बार फिर से ये साबित कर दिखाया कि उनकी बाजुओं में अभी भी जान है. पंजाब के खिलाफ मैच में माही ने 44 गेंदों का सामना करते हुए 179.54 की स्ट्राइक रेट से नाबाद 79 रन बनाए. इस धुआंधार पारी में 6 चौके और 5 गगनचुंबी छक्के शामिल रहे. कमाल की बात ये है कि मोहाली के मैदान पर पंजाब के खिलाफ धोनी तब बरसे जब उनके रौद्र रूप पकड़ने से पहले ही उनकी पीठ ने जवाब दे दिया था. वो दर्द से कराह रहे थे. लेकिन अपनी पीठ की दर्द को उन्होंने बल्लेबाजी के लिए अड़चन नहीं बनने दिया. वो आखिर तक लड़े, टीम को जीत के करीब भी ले गए, लेकिन जीत को गले नहीं लगा सके. लेकिन, क्या आप जानते हैं कि धोनी ने दर्द में भी इतनी विस्फोटक पारी खेली कैसे ? इस सवाल का जवाब आप खुद उन्हीं की जुबानी सुनिए.

 

तो सुना आपने, पीठ के दर्द से कराहते माही को मोहाली में बरसने का लाइसेंस भगवान से मिला था. धोनी के मुताबिक, ” भगवान ने मुझे शक्ति दी और बाकी का काम मेरे बाजुओं ने कर दिया. मुझे अपने शरीर के पिछले हिस्से को इस्तेमाल करने की जरुरत नहीं पड़ी. ”

नॉट आउट धोनी का असफल चेज

मोहाली में पंजाब के खिलाफ माही दर्द में दहाड़े जरूर लेकिन वो चेन्नई को जीत नहीं दिला सके. IPL इतिहास में ये तीसरी बार और पंजाब की टीम के खिलाफ दूसरी बार है जब धोनी ने नॉट आउट रहते हुए तूफानी पारी खेली और अपनी टीम को जीत नहीं दिला सके. साल 2013 में उन्होंने मुंबई के खिलाफ नाबाद 63 रन बनाए थे लेकिन टीम को जीत नहीं दिला सके थे. वहीं साल 2014 में पंजाब के खिलाफ 42 रन बनाकर नॉटआउट रहे थे, जिसमें चेन्नई को हार का मुंह देखना पड़ा था. और 2018 में धोनी पंजाब के ही खिलाफ 79 रन बनाकर नाबाद रहे लेकिन चेन्नई के लिए जीत की दहलीज लांघने से 4 रन से चूक गए . हालांकि, आपको बता दें कि इन 3 मौकों पर धोनी टीम को जीत दिलाने में बेशक नाकाम हुए हों लेकिन 15 मौकों पर उन्होंने लक्ष्य का पीछा करते हुए नाबाद पारी खेली भी है और टीम की जीत की स्क्रिप्ट भी लिखी है.

पंजाब के खिलाफ जड़े सबसे ज्यादा पचासे

हालांकि, टीम को जीत दिलाने में नाकाम रहे धोनी के नाम IPL में पंजाब के खिलाफ सबसे ज्यादा अर्धशतक हो गए हैं. मोहाली में खेली 79 की रन नाबाद विस्फोटक पारी पंजाब के खिलाफ धोनी के बल्ले से निकला 5वां अर्धशतक था. ये IPL में किसी भी टीम के खिलाफ उनके बल्ले से निकला सबसे ज्यादा अर्धशतक का आंकड़ा है. पंजाब के अलावा धोनी ने हैदराबाद के खिलाफ 4 और मुंबई के खिलाफ 3 अर्धशतक जड़े हैं.

7 साल पुराना अपना रिकॉर्ड तोड़ा

मोहाली में पंजाब के खिलाफ नाबाद 79 रन बनाकर धोनी ने IPL में 7 साल पुराने अपनी सबसे बड़ी पारी का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया है. इससे पहले धोनी का सबसे बड़ा स्कोर 70 रन का था, जो कि उन्होंने साल 2011 में बैंगलोर की टीम के खिलाफ चिन्नास्वामी स्टेडियम पर बनाया था.