सीओए के पूर्व सदस्य रहे रामचंद्र गुहा ने जहीर खान और राहुल द्रविड़ को टीम इंडिया का बॉलिंग और बैटिंग कोच नियुक्त किए जाने को लेकर जारी विवाद पर कहा है कि इन महान खिलाड़ियों को इस तरह से सार्वजनिक अपमान नहीं किया जाना चाहिए.

गुहा की ये टिप्पणी प्रशासकों की समिति (सीओए) द्वारा शनिवार को दिए गए उस बयान के बाद आया है जिसमें कहा गया है कि जहीर और द्रविड़ के नाम की सपोर्ट स्टाफ के तौर पर सिफारिश की गई है और अभी उनकी नियुक्ति पर कोई फैसला नहीं लिया गया है. सीओए के मुताबिक इन दोनों की नियुक्तिों पर फैसला 22 जुलाई तक नए कोच रवि शास्त्री के साथ सलाह करके लिया जाएगा.

जहीर की बॉलिंग और द्रविड़ की विदेशी दौरों के लिए बैटिंग कोच के तौर पर नियुक्ति की घोषणा सौरव, सचिन और लक्ष्मण की क्रिकेट अडवायजरी कमिटी (सीएसी) द्वारा की गई थी. लेकिन शास्त्री पूर्णकालिक बॉलिंग कोच के तौर पर भारत अरुण की नियुक्ति चाहते हैं.(मानी गई रवि शास्त्री की मांग, भारत अरुण बनेंगे टीम इंडिया के बॉलिंग कोचः रिपोर्ट)

इस जारी विवाद पर बीसीसीआई के कार्यकलाप से असंतुष्ट होकर हाल ही में सीओए के सदस्य पद से इस्तीफा देने वाले गुहा ने ट्विटर पर लिखा है, ‘अनिल कुंबले के साथ अपमानजनक व्यवहार को अब जहीर खान और राहुल द्रविड़ के साथ दोहराया जा रहा है.’ गुहा ने लिखा है, ‘कुंबले, द्रविड़ और जहीर सच्चे महान खिलाड़ी रहे हैं, उन्हें इस तरह से सार्वजनिक तौर पर अपमानित नहीं किया जाना चाहिए.’

उधर मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सीओए शास्त्री की भारत अरुण को पूर्णकालिक बॉलिंग कोच के तौर पर नियुक्ति पर सहमत हो गया है. ऐसे में अब ये देखना होगा कि जहीर की बॉलिंग कोच पर नियुक्ति के सीएसी के फैसले का क्या होता है. इस बारे में जारी असमसंज की स्थिति अब सीओए की घोषणा के बाद ही साफ हो पाएगी.