पाकिस्तान क्रिकेट टीम ने इस साल जून में फाइनल में भारत को हराकर चैंपियंस ट्रॉफी पर कब्जा जमाया. ये 1992 में वर्ल्ड कप जीतने के बाद से पाकिस्तानी क्रिकेट की सबसे बड़ी जीत है. 1992 में भी इमरान खान की टीम को किसी ने भी जीत का दावेदार नहीं माना था लेकिन आखिर में वह वर्ल्ड चैंपियन बनी. यही हाल इस साल के चैंपियंस ट्रॉफी में सरफराज अहमद की पाकिस्तानी टीम के साथ भी था, इस टीम को किसी ने भी भाव नहीं दिया लेकिन आखिर में वही विजेता बनीं. चैंपियंस ट्रॉफी में पाकिस्तान टीम के मैनेजर रहे तलत अली ने अब फाइनल में भारत के खिलाफ अपनी टीम की जीत के राज का खुलासा किया है. अली ने क्रिकबज को दिए एक इंटरव्यू में बताया है कि किस बात ने उनकी टीम के खिलाड़ियों में फाइनल के लिए जोश भरा.

उतार-चढ़ाव से उबरकर चैंपियन बना पाकिस्तान
चैंपियंस ट्रॉफी शुरू होने से पहले ही फिटनेस को लेकर कोच मिकी आर्थर द्वारा उमर अकमल को स्वदेश वापस भेजे जाने से पाक के अभियान की शुरुआत ही विवादों से हुई. इसके बाद पहले ही मैच में पाकिस्तान को भारत के हाथों 124 रन से करारी शिकस्त झेलनी पड़ी. लेकिन अगले मैच में पाकिस्तान बारिश से प्रभावित मैच में डकवर्थ लुइस नियम से दक्षिण अफ्रीका को हराने में सफल रहा. अगले मैच में श्रीलंका से मिले 237 के लक्ष्य के जवाब में 137 रन पर 6 विकेट गंवाकर पाकिस्तान का अभियान लगभग खत्म ही हो गया था लेकिन कप्तान सरफराज अहमद ने दो जीवनदानों का फायदा उठाते हुए अपनी टीम को जीत दिलाते हुए सेमीफाइनल में पहुंचाया. सेमीफाइनल में पाकिस्तानी टीम चैंपियन की तरह खेली और इंग्लैंड को हराते हुए फाइनल में भारत के साथ भिड़ंत पक्की कर ली और फिर फखर जमाने के शतक की बदौलत 338/4 का स्कोर खड़ा किया और भारत को 158 रन पर समेटते हुए 180 रन से जोरदार शिकस्त देते हुए खिताब जीत लिया.

गावस्कर-शास्त्री के कॉमेंट्स ने भरा पाकिस्तानी टीम में जोश
इस रिपोर्ट के मुताबिक चैंपियंस ट्रॉफी में पाकिस्तान टीम के कोच रहे तलत अली ने बताया कि भारतीय टीम ने फाइनल के लिए पाकिस्तान को जरा भी भाव नहीं दिया था. तलत ने कहा, ‘फाइनल से पहले मैं सुनील गावस्कर और रवि शास्त्री के विश्लेषण सुन रहा था और उन्होंने हमारी जीत की जरा भी संभावना नहीं जताई थी. इसी बात ने खिलाड़ियों में जोश भरा. इस मैच के बारे में कहा गया कि कोई मुकाबला ही नहीं है, तब हमने फैसला किया चलो बैट और गेंद से जवाब देते हैं.’

अली ने टॉस जीतकर पाकिस्तान को पहले बैटिंग के लिए बुलाने के भारत के निर्णय पर भी हैरानी जताई. अली ने कहा, ‘हम थोड़ा लकी भी रहे. ये समझ पाना मुश्किल है कि भारत ने टॉस जीतने के बाद हमें पहले बैटिंग क्यों दी. हमारे अच्छे गेंदबाजी आक्रमण को देखते हुए एक बार अच्छा स्कोर खड़ा कर लेने के बाद भारत के लिए लक्ष्य का पीछा कर पाना मुश्किल होता.’

अली ने ये भी कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव कम करने के लिए इन दोनों के बीच ज्यादा मैचों का आयोजन किया जाना चाहिए.