नई दिल्ली। पिछले छह महीनों के दौरान भारतीय क्रिकेट में मच रही उथल पुथल से दूर रहे पूर्व बीसीसीआई अध्यक्ष अनुराग ठाकुर ने कहा है कि अगर जरूरत पड़ी तो वह जिम्मेदारियों से भागेंगे नहीं.

सुप्रीम कोर्ट ने हाल में ठाकुर के बिना शर्त माफी मांगने के बाद उनके खिलाफ झूठे साक्ष्य पेश करने के आरोप खत्म कर दिए. सुप्रीम कोर्ट ने लोढ़ा समिति के सुधारों को लागू करने में बोर्ड सदस्यों को मनाने में नाकाम रहने के बाद जनवरी में उन्हें पद से बर्खास्त कर दिया था.

इसके बाद सुप्रीम कोर्ट से नियुक्त प्रशासकों की समिति (सीओए) ने जिम्मेदारी संभाली लेकिन पिछले छह महीनों में वे भी इस मामले को आगे बढ़ाने में नाकाम रहे, हाल में पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने ठाकुर की जन्मदिन की शुभकामनाएं स्वीकार करते हुए उनसे क्रिकेट प्रशासन में वापसी करने का आग्रह किया था.

ठाकुर ने कहा, ‘यह सौरव का बड़प्पन है कि उन्होंने यह पेशकश की. मैं इस पूर्व भारतीय कप्तान का आभारी हूं कि उन्होंने ऐसी बात की. मैंने अभी कोई फैसला नहीं किया है लेकिन अगर भारतीय क्रिकेट को मेरी जरूरत है तो मैं हमेशा उसके लिए उपलब्ध रहूंगा. मैं कभी जिम्मेदारियों से पीछे नहीं भागता.’ ठाकुर से पूछा गया कि क्या वह राहत महसूस कर रहे हैं, उन्होंने कहा, ‘मेरा न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा रहा है.’ हमीरपुर से सांसद ठाकुर इस दौरान अपने राजनीतिक कार्यों और अन्य खेल गतिविधियों में व्यस्त रहे.

उन्होंने कहा, ‘इन महीनों में मैं उस काम में व्यस्त रहा जिसे मैं सबसे चाहता हूं यानि खेलों को बढ़ावा देना. मैंने हिमाचल प्रदेश राज्य ओलंपिक का आयोजन किया जिन्हें काफी सफलता मिली. मैं हॉकी हिमाचल से भी जुड़ा क्योंकि राज्य में ओलंपिक खेलों को बढ़ावा देना मेरी प्राथमिकताओं में से एक है.’