कैंडी। भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली ने शुक्रवार को उम्मीद जताई कि अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) द्वारा खिलाड़ियों को निलंबित करने के नियमों को लागू करने में निरंतरता होनी चाहिए और इनमें परिस्थिति के साथ बदलाव नहीं होने चाहिए. कोहली का यह बयान श्रीलंका के खिलाफ खेले गए दूसरे टेस्ट मैच में हरफनमौला खिलाड़ी रवींद्र जडेजा पर लगे एक मैच के निलंबन के बाद आया है.

जडेजा के खाते में पिछले 24 महीनों में छह नकारात्मक अंक होने के कारण उन पर एक मैच का प्रतिबंध लगाया है. जडेजा कोलंबो में खेले गए दूसरे टेस्ट में तीन नकारात्मक अंकों के साथ आए थे जो उन पर पिछले साल अक्टूबर में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेली गई टेस्ट सीरीज में पिच पर दौड़ने के कारण लगे थे. श्रीलंका के खिलाफ दूसरी पारी के 58वें ओवर में हुई घटना के बाद आईसीसी ने उन्हें सजा सुनाई. मैच के दौरान जडेजा ने गेंदबाजी करते हुए फॉलो थ्रू में गेंद को पकड़ा और बल्लेबाज मलिंदा पुष्पाकुमारा की तरफ थ्रो किया. मैदानी अंपायर रॉड टकर और ब्रूस ओक्सेनफोर्ड ने इसे खतरनाक बताया. अंपयारों ने उन्हें आईसीसी की आचार संहिता के अनुच्छेद 2.2.8 के उल्लंघन का दोषी पाया.

तीसरे टेस्ट मैच की पूर्वसंध्या पर कोहली ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘कई चीजें माहौल के जोश में हो जाती हैं. लेकिन, आपको नहीं पता होता कि आपकी किस हरकत पर आपके खाते में एक, दो, और तीन अंक डाल दिया जाता है.’ उन्होंने कहा, ‘मेरा मानना है कि आज के समय में इरादा मायने रखता है और इन तरह की चीजों को खिलाड़ियों को ध्यान में रखना चाहिए. मुझे उम्मीद है कि नियम सभी के लिए बराबर होंगे और परिस्थिति के हिसाब से इनमें बदलाव नहीं किया जाएगा.’ उन्होंने कहा, ‘अगर नियम का पालन नियमित तौर पर किया जाएगा तो यह खिलाड़ियों के लिए अच्छा होगा क्योंकि इससे उन्हें पता चलेगा की मैदान पर उन्हें क्या करना है और इससे खेल को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी.’

जडेजा भारतीय टीम का मजबूत हिस्सा हैं, उन्होंने दूसरे टेस्ट में 70 रन बनाए थे और सात विकेट लिए थे और मैन ऑफ द मैच रहे थे. जडेजा की जगह चाइनामैन कुलदीप यादव को तीसरे टेस्ट के लिए टीम इंडिया की अंतिम एकादश में शामिल किया गया है.