नई दिल्ली. भारत और पाकिस्तान एक बार फिर से आमने सामने होंगे. ये मुकाबला क्रिकेट की पिच पर नहीं बल्कि हॉकी की टर्फ पर खेला जाएगा. गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स की टर्फ पर शनिवार को मेंस हॉकी के मुकाबले में भारत और पाकिस्तान आमने-सामने होंगे. इस हाई वोल्टेज मुकाबले से पहले ही भारत ने अपनी जीत की दावेदारी ठोक दी है. लेकिन, उसकी समस्या है गोल्ड कोस्ट का गर्म मौसम और तापमान का चढ़ता पारा. भारतीय कोच शोर्ड मारिन के मुताबिक, ” यहां बहुत गर्मी है और दोपहर ढाई बजे तो करीब 28- 29 डिग्री तापमान रहेगा. इन हालात में खेलना बहुत मुश्किल है लिहाजा हमें संयम के साथ खेलने की जरूरत है.’’ कोच मारिन की चिंता जायज है लेकिन उन्होंने चुभती, जलती गर्मी के बावजूद जीत की आस नहीं छोड़ी है.

जीत पर भारत का फोकस

कॉमनवेल्थ गेम्स की टर्फ पर दोनों टीमों के बीच आखिरी मुकाबला 2010 में दिल्ली में हुआ था. भारत ने उस मैच में 7 और पाकिस्तान ने सिर्फ 4 गोल दागे थे. पाकिस्तान ने 2006 मेलबर्न खेलों में भारत को मात दी थी. दोनों टीमें पिछले साल एशिया कप में भिड़ीं थी जिसमें भारत जीता था. गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत और पाकिस्तान को इंग्लैंड, वेल्स और मलेशिया के साथ ग्रुप मिला है. भारत और इंग्लैंड इस ग्रुप से प्रबल दावेदार है. ऐसे में भारत पहले ही मैच में पाकिस्तान को हराकर खुद का मनोबल बढाना चाहेगा.

ओल्टमेंस की कोचिंग का मिलेगा पाक को फायदा ?

दूसरी ओर भारत के पूर्व कोच रहे रोलेंट ओल्टमेंस अब पाकिस्तान के कोच हैं, जिन्हें भारतीय हाकी की समझ होने का फायदा मिल सकता है. भारत के पास रूपिंदर पाल सिंह, हरमनप्रीत सिंह, अमित रोहिदास और वरूण कुमार के रूप में चार पेनल्टी कार्नर विशेषज्ञ हैं. कप्तान मनप्रीत सिंह मिडफील्ड की जिम्मेदारी संभालेंगे, जबकि एस वी सुनील और गुरजंत सिंह पर आक्रमण की जिम्मेदारी रहेगी. गोलकीपिंग का जिम्मा अनुभवी पी आर श्रीजेश पर रहेगा. पाकिस्तान के लिए ओल्टमेंस पिछले महीने कोच बनकर आए हैं. उनके जुड़ने से पहले पाक टीम का प्रदर्शन निराशाजनक रहा था. पाकिस्तानी टीम को एशिया कप और आस्ट्रेलिया में चार देशों के टूर्नामेंट में हार का सामना करना पड़ा था. अब देखना ये है कि नए कोच ओल्टमेंस की कोचिंग में पाकिस्तान भारत की चुनौती से कैसे पार कर पाता है.