गोल्ड कोस्ट: सविता की शानदार गोलकीपिंग और कप्तान रानी के 47वें मिनट में किए गए गोल की बदौलत भारतीय महिला हॉकी टीम ने मंगलवार को दक्षिण अफ्रीका को 1-0 से हराकर 12 साल बाद राष्ट्रमंडल खेलों के सेमीफाइनल में प्रवेश किया. मैनचेस्टर राष्ट्रमंडल खेलों की स्वर्ण पदक विजेता भारतीय टीम को अंतिम चार में जगह बनाने के लिए इस मैच में ड्रॉ की जरूरत थी, लेकिन रक्षापंक्ति के शानदार खेल और रानी के गोल की मदद से वह तीन अंक हासिल करने में सफल रही. इस जीत से भारत ने पूल ए में नौ अंकों के साथ दूसरे नंबर पर रहते हुए सेमीफाइनल में जगह बनाई. इंग्लैंड के भी नौ अंक हैं लेकिन बेहतर गोल अंतर के कारण वह शीर्ष पर रहा.

पहले तीन क्वार्टर में कोई गोल नहीं
भारत और दक्षिण अफ्रीका के मैच में दोनों टीमें पहले तीन क्वार्टर तक गोल नहीं कर पाईं. दोनों टीमों ने इस बीच मौके बनाए लेकिन कोई भी उनका फायदा नहीं उठा पाई. भारत को इस क्वार्टर में पेनल्टी कॉर्नर भी मिला लेकिन रानी के ड्रैग फ्लिक को दक्षिण अफ्रीकी गोलकीपर फुमेलेजा मबांडे ने रोक दिया जबकि वंदना कटारिया का रिबाउंड क्रास बॉर से टकरा गया. दक्षिण अफ्रीका ने भी 13वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया, लेकिन सविता ने उस पर अच्छा बचाव कर भारत का संकट टाला.

दूसरे क्वार्टर में भी दोनों टीमों ने गोल करने के लिए अपनी तरफ से अच्छे प्रयास किए. वंदना और नमिता टोप्पो एक बार गोल करने की स्थिति में भी पहुंची लेकिन वे मबांडे को छकाने में नाकाम रहीं. भारत ने लगातार दबाव बनाया. इस बीच उसके रक्षकों ने भी अच्छा खेल दिखाया. विश्व में 14वें नंबर की टीम दक्षिण अफ्रीका को पहले दो मिनट में तीन पेनल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन गोलकीपर सविता ने फिर से बेहतरीन बचाव किए. भारत ने भी पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया लेकिन गुरजीत कौर का शॉट क्रॉस बार से टकरा गया.

रानी ने किया निर्णायक गोल
आखिर में चौथे क्वार्टर के शुरू में भारत महत्वपूर्ण गोल करने में सफल रहा जो अंत में निर्णायक साबित हुआ. नवनीत कौर बायें छोर से गेंद लेकर आगे बढ़ी. उन्होंने वंदना को गेंद थमाई जिन्होंने उसे सर्किल के अंदर खड़ी रानी को पहुंचाया और भारतीय कप्तान ने गोल करने में कोई गलती नहीं की. दक्षिण अफ्रीका ने वापसी के लिए काफी प्रयास किए लेकिन भारतीय रक्षकों ने उनके हर हमले को सफलतापूर्वक नाकाम किया.