नई दिल्ली. गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत ने अपनी पहली गोल्डन जीत दर्ज कर ली है. भारत को सुनहरी जीत दिलाने का कमाल महिला वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने किया है. चानू ने 21वें कॉमनवेल्थ गेम्स में उम्मीद के मुताबिक परफॉर्म किया और भारत की झोली पहला गोल्ड मेडल डाला. मीराबाई ने महिलाओं की 48 किलोग्राम कैटेगरी में देश के लिए पहला गोल्ड मेडल जीता है.

 

मीराबाई ऐसे बनी कॉमनवेल्थ की ‘गोल्डन क्वीन’

भारत की स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने शुरुआत से ही बाकी प्रतिद्वन्दियों पर अपना दबदबा बनाए रखा. कोई भी उनके दमखम के करीब भी नहीं फटक सका. मीराबाई ने स्नैच राउंड में पहले 81 किलो, फिर 84 किलो और उसके बाद आखिरी प्रयास में 86 किलो का भार उठाकर कॉमनवेल्थ गेम्स का नया रिकॉर्ड बनाया. तो वहीं क्लीन एंड जर्क राउंड में भी वो शुरू से ही दूसरी प्रतिद्वन्दियों पर हावी दिखीं. मीराबाई ने क्लीन एंड जर्क के अपने पहले प्रयास में 103 किलो का भार उठाकर कॉमनवेेल्थ खेलों का नया रिकॉर्ड बना दिया. क्लीन एंड जर्क के अपने दूसरे प्रयास में चानू ने 107 किलो भार उठाया तो वहीं आखिरी प्रयास में 110 किलो का भार उठाकर गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्डन क्वीन बनकर उभरी. मीराबाई चानू ने स्नैच और क्लीन एंड जर्क मिलाकर कुल 196 किलो का भार उठाया, जो कि  कॉमनवेल्थ  गेम्स का नया  रिकॉर्ड है.

मीराबाई की रिकॉर्ड जीत

मीराबाई चानू की गोल्डन जीत और सिल्वर जीतने वाली मॉरीशस की मारिया हैनीटरा के बीच का फासला 26 किलो का रहा. मॉरीशस की मारिया ने स्नैच और क्लीन एंड जर्क मिलाकर 170 किलो का भार उठाया. वहीं तीसरे नंबर पर श्रीलंका की दिनुशा गोम्स रहीं, जिन्होंने कुल 155 किलो का वजन उठाया.

गुरुराजा ने जीता सिल्वर

इससे पहले इससे पहले भारत की झोली में पहला पदक चांदी के तमगे के तौर आया, जिसे गुरुराजा पुजारी ने जीता. गुरुराजा ने देश के लिए सिल्वर मेडल वेटलिफ्टिंग में हासिल किया. पुरुषों के 56 किलोग्राम भार वर्ग में भारत की चांदी कर गोल्ड कोस्ट में पदक जीतने वाले गुरु पहले भारतीय बने.

 

गुरुराजा पुजारी ने सिल्वर मेडल पर कब्जा करने के लिए 249 किलोग्राम वेट उठाया . इस मुकाबले में मलेशिया के इजहार अहमद ने कुल 261 का भार उठाते हुए कॉमनवेल्थ गेम्स का नया रिकॉर्ड बनाया और सोने का तमगा हासिल किया. जबकि श्रीलंका के चतुरंगा लकमल ने गुरुराजा से एक किलो कम का भार यानी 248 किलो उठाते हुए इस मुकाबले का ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया.