नई दिल्ली. जिस उम्र में खिलाड़ी आमतौर पर रिटायरमेंट ले लेते हैं, उस उम्र में भारत के लिएंडर पेस इतिहास रच रहे हैं. वर्ल्ड रिकॉर्ड बना रहे हैं. टेनिस जैसे फर्राटेदार खेल में अपनी जबरदस्त एनर्जी से उन्होंने कामयाबी की एक और नई स्क्रिप्ट लिखी है. पेस ने एशिया ओशियाना ग्रुप में चीन के खिलाफ जैसे ही जीत दर्ज की, वो डेविस कप के इतिहास में सबसे अधिक डबल्स मुकाबले जीतने वाले वाले पहले खिलाड़ी बन गए . उन्होंने चीन के खिलाफ मुकाबले में अपनी 43वीं जीत दर्ज करते हुए चीन के खिलाफ एशिया ओसियाना मुकाबले में वापसी भी दिलाई.

चीन को चटाई धूल

इस जीत के बाद लिएंडर पेस ने कहा, “चीन में चीन के खिलाफ खेलना बहुत मुश्किल है। उनके पास एक ऐसा खिलाड़ी है जिन्होंने यूएस ओपन जीता है। इसके अलावा उनकी डबल्स टीम बहुत तगड़ी है। वह न्यूजीलैंड को हार भी चुके हैं। इस मैच में भी चीनी खिलाड़ियों ने अच्छा खेल दिखाया।”

पेस ने रोहन बोपन्ना के साथ मिलकर माओ शिन गोंग और डी वू को तीन सेट तक चले कड़े मुकाबले में 5-7, 7-6(5), 7-6(3) से हराया. भारत शुक्रवार को दोनों सिंगल्स मैच गंवाकर 0-2 से पीछे चल रहा था . ऐसे में भारत को अपनी उम्मीदों को जिंदा रखने के लिए डबल्स में हर हाल में जीत दर्ज करनी थी और पेस की अगुवाई में भारत ने ये कमाल कर दिखाया.

पेस ने जीत के बाद कहा, “29 सालों के बाद भारत के लिए मैंने एक वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है जोकि शानदार है। भारतीय टीम में वापसी कर मैं बहुत खुश हूं। लेकिन, इससे भी ज्यादा खुशी है कि हमारी टीम ने टाई मैच जीता है।”

डेविस कप में पेस के 12 जोड़ीदार

डेविस कप के इतिहास में पेस 12 अलग- अलग पार्टनर्स के साथ उतरे. उनके पहले पार्टनर 1990 में जीशान अली थे. उसके बाद पेस ने रमेश कृष्णा, गौरव, महेश भूपति, रोहन बोपन्ना, पूरव राजा, सनम सिंह, साकेत, विष्णु वर्धन हैं. पेस के सबसे ज्यादा भूपति के साथ डेविस कप में डबल्स के मुकाबले जीते हैं. पेस और भूपति की जोड़ी ने सिर्फ दो ही मुकाबले गंवाए है. पेस के बाद इटली के निकोला पीट्रांजेली दूसरे स्थान पर है.

वैसे, पेस के पास फरवरी 2017 में भी यह रिकॉर्ड बनाने का मौका था, लेकिन, मेहमान न्यूजीलैंड के हाथों उन्हें हार का सामना करना पड़ा था.