नई दिल्ली. IPL-11 में धोनी के बल्ले ने पहला हल्ला बोला है. मोहाली के मैदान पर पंजाब के खिलाफ उनके बल्ले से धमाकेदार इनिंग देखने को मिली, जिसके बाद सभी के दिलो-दिमाग में पुराने धोनी की याद ताजा हो गई. धोनी की इस पारी ने IPLकी पीली जर्सी वाली टीम को पंजाब के खिलाफ जीत बेशक ना दिलाई हो लेकिन कम से कम मैच के अंजाम तक पहुंचने से पहले खलबली जरूर मचा दी थी. खलबली मचाने वाली धोनी की ताबड़तोड़ पारी की सबसे बड़ी बात ये है कि इसके जरिए उन्होंने 7 साल पुराने अपने ही एक IPL रिकॉर्ड की बलि चढ़ा दी है. कमाल की बात ये है कि धोनी ने ये रिकॉर्ड तोड़ पारी पीठ की दर्द से जूझते हुए खेली है. दरअसल, धोनी जब बल्लेबाजी के लिए मैदान पर उतरे तभी उन्होंने पीठ में दर्द की शिकायत की, जिसके बाद फीजियो को मैदान पर आना पड़ा था.

धोनी की सबसे बड़ी पारी

मोहाली में धोनी ने पंजाब के खिलाफ मैच में 44 गेंदों पर नाबाद रहते हुए ताबड़तोड़ 79 रन जड़े. 179.54 की स्ट्राइक रेट से खेली गई चेन्नई के कप्तान की इस विस्फोटक पारी में 5 छक्के और 6 चौके शामिल रहे. ये IPL इतिहास में धोनी के बल्ले से निकली सबसे बड़ी पारी है. इससे पहले उनके नाम सबसे बड़ी पारी 70 रन की दर्ज थी, जो कि उन्होंने साल 2011 में बैंगलोर के खिलाफ चिन्नास्वामी स्टेडियम पर खेला था. यानी, जिस रिकॉर्ड को धोनी ने विराट की टीम के खिलाफ 7 साल पहले बनाया था, उसे उन्होंने 7 साल बाद पंजाब के खिलाफ तोड़ डाला है.

मोहाली की धुआंधार पारी के बाद धोनी ने कहा- 'भगवान ने दी शक्ति'

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पंजाब के खिलाफ सर्वाधिक अर्धशतक

IPL में पंजाब के खिलाफ बड़ी पारी खेलना धोनी को कितना पसंद है अब उसे जरा इन आंकड़ों से समझिए. धोनी ने IPL में सबसे ज्यादा अर्धशतक पंजाब की टीम के खिलाफ ही जड़े हैं. इसके बाद सर्वाधिक 4 अर्धशतक उनके बल्ले से हैदराबाद के खिलाफ निकले हैं जबकि मुंबई के खिलाफ धोनी ने 3 अर्धशतक जड़े हैं.

चेन्नई वाला कमाल मोहाली में करने से चूके

धोनी की कमान वाली चेन्नई को मोहाली का मैदान मारने के लिए 198 रन का टारगेट मिला था. पीली जर्सी वाली टीम के कैलिबर को देखते हुए ये कोई बड़ा टोटल नहीं था, वो भी तब जब वो दो बार इससे भी बड़े स्कोर का पीछा कर चुके थे. धोनी की टीम ने IPL में इससे पहले साल 2012 में 208 रन और 2018 में ही 205 रन के लक्ष्य का पीछा किया था. हालांकि, इन दोनों टारगेट को उन्होंने अपने होमग्राउंड यानी चेपक पर हासिल किया था. लेकिन, जो काम धोनी और उनकी पीली पलटन अपने होम ग्राउंड पर दो बार कर चुकी थी उसे घर से बाहर वो पहली बार अंजाम देने से चूक गए.