आईपीएल के दूसरे क्वॉलिफायर में मुंबई के लिए घातक गेंदबाजी करते हुए कोलकाता की बैटिंग की कमर तोड़ने वाले स्पिनर कर्ण शर्मा की जमकर तारीफ हो रही है.

कर्ण ने शुक्रवार को खेले गए इस मैच में टी20 क्रिकेट में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए महज 16 रन देकर 4 विकेट झटके और कोलकाता को 107 रन पर समेटने में अहम भूमिका निभाई. जिसके बाद मुंबई ने ये लक्ष्य आसानी से 4 विकेट गंवाकर फाइनल में जगह बना ली. आइए नजर डालें कर्ण शर्मा के करियर और जीवन के सफर पर

रेलवे कर्मचारी से स्टार क्रिकेटर बनने का सफरः

कर्ण शर्मा 2005 में रेलवे से जुड़े थे और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी थे. उस समय उनकी पोस्टिंग वाराणसी में थी. कर्ण शर्मा की किस्मत पहली बार तब चमकी जब 2009 में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर ने उन्हें 20 लाख रुपये में खरीदा. 2014 में सनराइजर्स हैदराबाद ने उन्हें 3 करोड़ 75 लाख रुपये में खरीदा था. इस सीजन में उन्हें मुंबई इंडियंस ने 3.2 करोड़ में खरीदा. वह इस सीजन में मुंबई के लिए अब तक 8 मैचों में 13 विकेट झटक चुके हैं.

दूसरे क्वॉलिफायर में उन्हें स्टार ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह की जगह मौका दिया गया और उन्हें इस भरोसे को गलत साबित नहीं होने दिया.

कर्ण का जन्म 23 अक्टूबर 1987 को उत्तर प्रदेश के जिले मेरठ में हुआ था. वह बाएं हाथ के बल्लेबाज औऔर लेगब्रेक गेंदबाज हैं. उन्होंने अब तक भारत के लिए एक टेस्ट मैच और 2 वनडे मैच खेले हैं.

उन्होंने अपना एकमात्र टेस्ट मैच दिसंबर 2014 में एडिलेड में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला था जबकि वनडे नवंबर 2014 में श्रीलंका के खिलाफ खेला था. उन्होंने एक टेस्ट मैच में 4 विकेट लिए हैं. साथ ही उन्होंने 57 प्रथम श्रेणी मैचों में 138 विकेट झटके हैं.