गौतम गंभीर की शानदार पारी की बदौलत कोलकाता नाइटराइडर्स ने बुधवार को एलिमिनेटर में हैदराबाद को हराकर क्वॉलिफायर में जगह बनाई. वर्षा प्रभावित इस मैच गंभीर की टीम ने डवकर्थ लुइस नियम से जीत हासिल की और 6 ओवर में 48 रन के संसोधित लक्ष्य को 3 विकेट गंवाकर हासिल कर लिया.

गंभीर ने महज 19 गेंदों पर 2 चौकों और 2 छक्कों की मदद से 32 रन की शानदार पारी खेली. लेकिन मैच के दौरान एक समय ऐसा भी जब बारिश के कारण कोलकाता खिताबी दौड़ से बाहर होने की कगार पर खड़ा था. हैदराबाद की पारी के तुरंत बाद बारिश आ गई और लगभग तीन घंटे मैच नहीं हो सका. अगर ये मैच रद्द हो जाता तो कोलकाता की टीम बाहर हो जाती.

इस बात की चिंता ने कोलकाता के कप्तान गंभीर को चिंता में डाल दिया था. गंभीर ने हिंदुस्तान टाइम्स के लिए अपने कॉलम में लिखा है, ‘मैं अक्टूबर 1981 में पैदा हुआ था. उस हिसाब से मैं 35 साल का हूं. लेकिन हैदराबाद के खिलाफ मैच में मैं जिस चिंता और तनाव से गुजरा उससे मेरी उम्र मुझे लगा मैं 70 साल का हो गया हूं.
उन्होंने लिखा, ‘रात 9:30 बजे तक मुझे ऐसा लगा कि कि मैं आधी दुनिया का मालिक हूं और बाकी आधे दुनिया को मेरे नाम किए जाने के पेपर तैयार हो रहे हैं. लेकिन तभी बारिश मेरी दुनिया को पलटकर मेरे सपनों को बहा ले गई.’

एलिमिनेटर में हैदराबाद ने पहले खेलते हुए 20 ओवर में 7 विकेट 128 रन बनाए थे लेकिन फिर बारिश आ गई और तीन घंटे मैच नहीं हो सका. इसके बाद कोलकाता को 6 ओवर में 48 रन बनाने का लक्ष्य मिला और उसने 4 गेंदें बाकी रहते ही मैच 7 विकेट से जीतकर दूसरे क्वॉलिफायर में मुंबई के साथ भिंड़त पक्की की.