आईपीएल 2017 के फाइनल में 21 मई को पुणे सुपरजाएंट और मुंबई इंडियंस के बीच हैदाराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल में खिताबी मुकाबला खेला जाएगा. मुंबई की टीम 2013 और 2015 में चैंपियन रह चुकी है जबकि पुणे की टीम पहली बार फाइनल में पहुंची है.

मुंबई की टीम शुक्रवार को खेले गए दूसरे क्वॉलिफायर में कोलकाता नाइटराडर्स को 6 विकेट से हराकर फाइनल में पहुंची है जबकि पुणे ने पहले क्वॉलिफायर में मुंबई को मात देकर फाइनल में जगह बनाई थी. आइए एक नजर डालते हैं इस आईपीएल में इन दोनों टीमों के प्रदर्शन पर.

इस आईपीएल में मुंबई और पुणे का अब तक का सफरः
मुंबई इंडियंस ने लीग मैचों में शानदार प्रदर्शन किया और ज्यादातर समय वह पॉइंट्स टेबल में टॉप पर रही. वह 14 में से 10 मैच जीतते हुए पॉइंट्स टेबल में शीर्ष पर रही. वहीं पुणे की टीम ने अपने 14 में से 9 मैच जीतते हुए दूसरे नंबर पर रही. पहले क्वॉलिफायर में पुणे ने मुंबई इंडियंस को 20 रन से हराकर फाइनल में जगह बनाई जबकि दूसरे क्वॉलिफायर में मुंबई इंडियंस ने कोलाता नाइटराइडर्स को 6 विकेट से मात देते हुए फाइनल में जगह पक्की की.

मुंबई इंडियंस vs पुणे सुपरजाएंट
इस आईपीएल में पुणे की टीम ने मुंबई को दोनों लीग मैचों और पहले क्वॉलिफायर में मात दी है. यानी कि इस आईपीएल अब तक इन दोनों टीमों के बीच खेले गए तीनों मैचों में पुणे की टीम ही जीती है. इसलिए फाइनल में वह मुंबई के खिलाफ आत्मविश्वास से लबरेज होगी. 2016 के सीजन में इन दोनों के बीच हुए मैच में से दोनों ने ही एक-एक मैच में जीत हासिल की थी. यानी इन दोनों के बीच अब तक खेले गए 5 मैचों में से पुणे 4-1 से आगे है.

मुंबई की ताकत और कमजोरी
मुंबई टीम की ताकत है उसका किसी एक खिलाड़ी पर निर्भर न रहना. नीतीश राणा, पार्थिव पटले, कीरोन पोलार्ड और हार्दिक और क्रुनाल पंड्या जैसे युवाओं ने जरूरत पड़ने पर जोरदार प्रदर्शन किया है. यही वजह है कि रोहित शर्मा की बल्ले से नाकामी भी मुंबई को ज्यादा नहीं खली है. डेथ ओवरों में जसप्रीत बुमराह की गेंदबाजी बहुत ही कारगर रही है. दूसरे क्वॉलिफायर में कर्ण शर्मा को खिलाने का निर्णय भी एकदम सटीक साबित हुआ, जिन्होंने 4 विकेट झटकते हुए कोलकाता को बैकफुट पर ढकेल दिया. मुंबई के लिए कप्तान रोहित शर्मा का फॉर्म में न होना और उनके स्टार तेज गेंदबाज लसिथ मलिंगा का महंगा साबित होना उनका कमजोर पक्ष है.

पुणे की ताकत और कमजोरी
पुणे को फाइनल तक पहुंचाने में धोनी, कप्तान स्टीव स्मिथ, युवा ओपनर राहुल त्रिपाठी, ऑलराउंडर बेन स्टोक्स और तेज गेंदबाज जयदेव उनादकट का सबसे अहम योगदान रहा है. ये सभी पुणे की ताकत हैं. लेकिन बेन स्टोक्स स्वेदश लौट चुके हैं और फाइनल में नहीं खेलेंगे और उनकी कमी पुणे को काफी खलेगी. पुणे के लिए एक और चिंता का विषय ओपनर अजिंक्य रहाणे का इस सीजन में आउट ऑफ फॉर्म रहना है.