नई दिल्ली. चेपक पर धोनी की टीम ने जो कोलकाता के साथ किया उसमें कुछ भी नया नहीं था. ये ठीक वैसा ही था जैसा उन्होंने वानखेड़े मैदान पर मुंबई के साथ किया था. IPL-11 के अपने दोनों ही शुरुआती मुकाबलों में धोनी की पीली पलटन ने बिल्कुल एक सा खेल दिखाया. जो बर्ताव उसने मुंबई के साथ अपने पहले मुकाबले में किया था ठीक वैसा ही एक्शन उसने अपने घरेलू मैदान चेपक पर कोलकाता के खिलाफ लिया. इन दोनों मुकाबलों में चेन्नई ने लक्ष्य का पीछा किया और मैच को अंजाम तक पहुंचाया. दोनों ही मुकाबले में पीली जर्सी वाली IPL टीम को बड़े टारगेट से दो-चार होना पड़ा लेकिन उस टारगेट को उसने बड़े ही रोमांचक अंदाज में भेद दिया. कमाल की बात ये है कि मुंबई और कोलकाता दोनों के खिलाफ मैच में चेन्नई के सामने जीत के लिए लक्ष्य भी एक जैसा ही मिला.

24 गेंद पर 51 रन का टारगेट

अब आप सोच रहे होंगे कि भला ये कैसे. मुंबई ने पहले मुकाबले में चेन्नई को जीत के लिए 166 रन का लक्ष्य दिया था और कोलकाता ने 203 रन का, तो फिर ये दोनों ही टारगेट एक कैसे हुए. तो हम आपको बता दें कि हम यहां इस लक्ष्य की बात नहीं कर रहे. बल्कि, धोनी की पीली पलटन को मिले उस टारगेट की बात कर रहे हैं जो उसे डेथ ओवर्स यानी 16 से 20 ओवर के बीच बनाने को मिले. दूसरे लहजे में कहें तो हम यहां आखिरी की 24 गेंदों पर जीत के लिए चेन्नई को मिले लक्ष्य की बात कर रहे हैं.

सटोरियों की नजर में ये टीम बनेगी IPL-11 की चैम्पियन

सटोरियों की नजर में ये टीम बनेगी IPL-11 की चैम्पियन

चेन्नई के सामने मुंबई के खिलाफ IPL-11 के पहले मैच में आखिरी 24 गेंदों पर 51 रन का लक्ष्य था . ठीक यही लक्ष्य चेन्नई को कोलकाता के सामने अपने होमग्राउंड चेपक पर भी मिला. और, कमाल की बात ये रही कि इन दोनों ही मैचों में चेन्नई की जीत हुई. चेन्नई को मिली इन दोनों जीत में जो बात कॉमन रही वो ये कि ये दोनों मुकाबले उसने 1 गेंद बाकी रहते अपने नाम की.

जीत का नायक बदला

वैसे, पहले दो मैचों में एक से टारगेट के खिलाफ नतीजा बिल्कुल चेन्नई के हक में गया. लेकिन, नतीजे की स्क्रिप्ट लिखने वाले उसके किरदार यानी कि जीत के हीरो बदल गए. मुंबई के खिलाफ खेले पहले मैच में जहां चेन्नई की जीत के हीरो ब्रावो रहे, जिन्होंने 7 छक्के और 3 चौकों के साथ 226.66 की स्ट्राइक रेट से 30 गेंदों पर 68 रन बनाए तो वहीं कोलकाता के खिलाफ चेपक मैदान पर खेले दूसरे मैच के हीरो चेन्नई के लिए सैम बिलिंग्स रहे. बिलिंग्स ने मैच विनिंग नॉक खेलते हुए 243.47 की स्ट्राइक रेट से 5 छक्के और 2 चौके के साथ 23 गेंदों पर 56 रन बनाए.

इन दो कमाल की परफॉर्मेन्स के बाद धोनी और उनकी टीम ने साबित कर दिया है कि दो साल के बैन के बाद उन्होंने एक मजबूत इरादे के साथ IPL-11 में वापसी की है और वो इस सीजन को जीतने के प्रबल दावेदार हैं.