मुंबई: हरफनमौला खिलाड़ी ड्वेन ब्रावो ने इंडियन प्रीमियर लीग के पहले मैच में शनिवार को मुंबई के खिलाफ 30 गेंद में 68 रन की आतिशि मैच जिताऊ पारी को अब तक की अपनी सर्वश्रेष्ठ पारी बताया. टूर्नामेंट में दो साल का प्रतिबंध झेलने के बाद वापसी कर रही चेन्नई की टीम ने ब्रावो की पारी के सहारे 166 रन के लक्ष्य को एक विकेट बाकी रहते हासिल कर लिया था. मैच के 17वें ओवर में आठ विकेट के नुकसान पर 118 रन के साथ टीम हार के कागार पर खड़ी थी जिसे ब्रावो की शानदार पारी ने जीत में बदल दिया.

ब्रावो ने कहा कि ये मेरी सर्वश्रेष्ठ पारी है. मुझे नहीं लगता कि मैंने किसी प्रारूप में ऐसी पारी खेली है. इसलिए यह खास है. उन्होंने इस दौरान सात छक्के और तीन चौके लगाकर मुंबई के गेंदबाजों को हैरान कर दिया. वेस्टइंडीज के खिलाड़ी ने कहा कि जैसा की आप ने देखा होगा, मैंने अर्धशतक पूरा करने के बाद बल्ला नहीं उठाया. मुझे पता था कि मेरा काम पूरा नहीं हुआ. अभी भी लंबा सफर तय करना था. मैं लय में था. मेरा पूरा ध्यान अपनी टीम के लिए मैच जीतने पर था.

उन्होंने कहा कि आखिरी ओवर में आउट होने से मैं निराश था. लेकिन मैंने ऐसी पारी खेली जिससे टीम जीतने की स्थिति में आ गयी और आखिरकार हम जीते. मैं खुश हूं कि मैं बल्ले से योगदान देने में सक्षम रहा.

धोनी ने की तारीफ
ड्वेन ब्रावो की तारीफ करते हुए चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने कहा कि उन्हें इस तरह जिम्मेदारी लेकर खेलते देखना अच्छा लगा. दो साल के प्रतिबंध के बाद वापसी करने वाली चेन्नई टीम के आठ विकेट 118 रन पर गिर गए थे लेकिन ब्रावो ने 30 गेंद में 68 रन बनाकर करिश्माई जीत दिलाई. धोनी ने मैच के बाद कहा कि चेन्नई और मुंबई का मैच हर कोई देखना चाहता है और हम दो साल बाद लौटे हैं. दर्शक बेहतरीन थे . ब्रावो ने जिस तरह बल्लेबाजी की, उन्हें जिम्मेदारी लेते देखना अच्छा लगा. भारत के पूर्व कप्तान ने कहा कि उनकी टीम को बेहतर बल्लेबाजी करनी चाहिए थी हालांकि उन्होंने चोटिल साथी खिलाड़ियों को लेकर चिंता जताई.