नई दिल्ली. विराट कोहली की बल्लेबाजी का कायल पूरा वर्ल्ड क्रिकेट है. साउथ अफ्रीका के पूर्व ऑलराउंडर जैके कैलिस भी उनकी लाजवाब बल्लेबाजी का लोहा मानते हैं. ऐसे में कैलिस को कोहली की बल्लेबाजी से कोई प्रॉब्लम नहीं है. समस्या उन्हें विराट के एग्रेसन को लेकर है, कप्तानी में उनके अप्रोच को लेकर हैं, जो मैदान पर एक कामयाब टीम के कप्तान के तौर पर अच्छा नहीं लगता.

कोहली की आक्रामकता जगजाहिर

क्रिकेट का मैदान हो या फिर बाहरी दुनिया विराट कोहली की आक्रामकता जगजाहिर है. क्रिकेट फील्ड पर हम उन्हें कई बार विरोधी बल्लेबाजों के आउट होने के बाद अलग-अलग तरह के इशारे करते देखते हैं. हालांकि, कुछ लोगों को विराट का ये एग्रेसन पसंद भी है लेकिन कूल मिजाज के खिलाड़ी रहे जैक कैलिस का विराट की इस इमेज को लेकर अपना तर्क हैं जो कि एक सलाह के तौर पर विराट कोहली के लिए उन्होंने कहा है.

‘आक्रामकता छोड़ें कोहली’

कैलिस के मुताबिक, ” एक कप्तान के तौर उतना एग्रेसन ठीक नहीं जितना विराट कोहली में दिखता है. इस अप्रोच को लेकर उन्हें थोड़ा काम करना चाहिए. वो अभी काफी युवा कप्तान हैं . मुझे उम्मीद है कि जैसे जैसे वो कप्तानी में मंझेंगे और निखरेंगे. साथ ही साथ उनकी आक्रामकता भी कम होगी. ”

वनडे सीरीज में दिख रहा एग्रेसन

विराट कोहली की कप्तानी में टीम इंडिया साउथ अफ्रीका में इस वक्त धमाल कर रही है. टीम ने वनडे सीरीज पर कब्जा जमा लिया है. इस वनडे सीरीज में भी कई मौकों पर विराट कोहली अफ्रीकी बल्लेबाजों पर अलग-अलग इशारा करते या फिर उनके साथ स्लेजिंग करते देखे गए. अब ऐसे में कोहली कैलिस की इस काम की सलाह पर कितना अमल कर पाते हैं ये देखने वाली बात होगी.

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जीत बनी टीम इंडिया की आदत

इंटरनेशनल क्रिकेट में साउथ अफ्रीका के लिए 25,534 रन और 577 विकेट लेने वाले कैलिस ने कोहली को काम की सलाह देने के अलावा उनकी कप्तानी में टीम इंडिया की जीत की भी प्रशंसा की. कैलिस ने कहा, ” विदेशी विकेटों पर अपने खराब रिकॉर्ड को दुरुस्त करने की टीम इंडिया को अब आदत पड़ गई है. उसकी ये भूख लगातार बढ़ रही है और बेहतर होती जा रही है. ”

कोहली की आक्रामक छवि का फायदा

इसमें दो राय नहीं कि टीम इंडिया की बेजोड़ सफलता में विराट कोहली की आक्रामकता का भी बड़ा रोल है. कोहली के एग्रेसन से टीम का मनोबल बढ़ता है और खिलाड़ी अपना बेस्ट देने में कामयाब रहते हैं. हालांकि, एक कप्तान के तौर पर ये उतना सही नहीं है फिर भी अगर विराट के इस एग्रेसिव इमेज से टीम का भला हो रहा है तो एग्रेसन अच्छा है.