नई दिल्ली. IPL के ग्यारहवें सीजन की शुरुआत से ठीक पहले साउथ अफ्रीका के तेज गेंदबाज कैगिसो रबाडा इंजर्ड हो गए हैं. IPL में रबाडा दिल्ली डेयरडेविल्स टीम का हिस्सा हैं . लेकिन अब इंजरी की वजह से वो IPL-11 में खेलते नहीं दिखेंगे. रबाडा के IPL से बाहर होने को कुछ लोग दिल्ली की टीम के लिए बड़ा झटका मान रहे हैं लेकिन तकनीकी तौर पर ये झटका नहीं फायदे का सौदा है. हम ऐसा क्यों कह रहे हैं वो बताएंगे आपको लेकिन उससे पहले जरा ये जान लीजिए कि रबाडा को वो चोट कब, कैसे और कहां लगी, जिसने उन्हें IPL से दूर कर दिया.

3 महीने क्रिकेट से दूर रहेंगे रबाडा

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जोहांसबर्ग में खेले आखिरी टेस्ट में दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाज रबाडा को लोअर बैक इंजरी हो गई. इसकी वजह से उन्हें कमर दर्द ने जकड़ लिया. इस दर्द की वजह से टेस्ट मैच के आखिरी दिन रबाडा सिर्फ 3 ओवर ही गेंदबाजी कर पाए. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले सीरीज के आखिरी टेस्ट में रबाडा को हुए लोअर बैक पेन ने उन्हें 3 महीनों के लिए क्रिकेट से दूर कर दिया है. इसका मतलब ये हो हुआ कि वो IPL में खेलते नहीं दिखेंगे.

हालांकि, IPL में नहीं खेलने के संकेत रबाडा ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जोहांसबर्ग टेस्ट मैच के बाद ही दे दिए थे. तब रबाडा से जब IPL खेलने पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा था, ” ईमानदारी से कहूं तो मेरे पास इसका जवाब नहीं है. मुझे इस बारे में कुछ सोचना होगा, ताकि मैं कुछ दिन का आराम कर सकूं. ” रबाडा ने हाल ही में घरेलू मैदान पर खेले गए सभी 10 टेस्ट मैच खेले हैं. साथ ही उन्होंने इस दौरान 8 वनडे मैच भी खेले हैं. इसके बाद उन्हें आईपीएल खेलना था और आईपीएल के बाद दक्षिण अफ्रीका को श्रीलंका का दौरा करना था. लेकिन चोट की वजह से कगिसो रबाडा का श्रीलंका के खिलाफ खेलने पर भी सस्पेंस की तलवार लटकी है.

रबाडा की इंजरी- झटका या फायदा !

IPL की फ्रेंचाईजी दिल्ली डेयरडेविल्स ने रबाडा को 4.20 करोड़ रुपए की भारी-भरकम रकम में खुद से जोड़ा था. लेकिन, अब वो चोट की वजह से दिल्ली के लिए IPL के इस सीजन में नहीं खेल पाएंगे, जो कि झटका कम फायदे की बात ज्यादा है. दरअसल, IPL गेंदबाजों से ज्यादा बल्लेबाजों का खेल है. दूसरी बात ये कि दिल्ली के बेड़े में, अनुभवी और युवा जोश, दोनों ही मोर्चों पर दमदार गेंदबाजों की बेहतरीन फेहरिस्त है. लेकिन, अगर कुछ कमी थी तो वो थी एक ओवरसीज यानी विदेशी बल्लेबाज की.

रबाडा के ना होने से टीम की गेंदबाजी लाइन को मजबूती देने के लिए टीम के पास मोहम्मद शमी, ट्रेंट बोल्ट, क्रिस मॉरिस , आवेस खान और डैनियल क्रिश्चन जैसे बॉलर हैं. लेकिन ओवरसीज बल्लेबाज के तौर पर टीम के पास सिर्फ कॉलिन मुनरो और जेसन रॉय जैसे दो स्पेशलिस्ट बैट्समैन ही हैं. ऐसे में अब जब इंजरी की वजह से रबाडा की जगह खाली हुई है तो खबर यही मिल रही है कि दिल्ली डेयरडेविल्स का टीम मैनेजमेंट उनकी जगह पर एर ओवरसीज बल्लेबाज तलाश रहा है. दूसरे लहजें में कहें तो कैगिसो रबाडा का बाहर होना दिल्ली डेयरडेविल्स के लिए किसी बड़े झटके से ज्यादा फायदे का सौदा है.