मुंबई: भारत के पूर्व विकेटकीपर किरण मोरे का मानना है कि श्रीलंका के खिलाफ्र पिछले महीने त्रिकोणीय श्रृंखला में आखिरी गेंद पर छक्का लगाकर भारत को जीत दिलाने वाले दिनेश कार्तिक ने जिस तरह वापसी की है, वह अविश्वसनीय है. कार्तिक ने टी20 त्रिकोणीय श्रृंखला के फाइनल में आखिरी गेंद पर छक्का लगाकर भारत को बांग्लादेश पर जीत दिलाई थी. वह फिलहाल आईपीएल में कोलकाता नाइट राइडर्स टीम के कप्तान हैं.

मोरे ने कहा,‘‘कार्तिक ने शानदार वापसी की है. मैं थोड़ा नाखुश था जब उसने विकेटकीपिंग छोड़कर बतौर बल्लेबाज खेलना शुरू किया.’’ उन्होंने कहा,‘‘मैने उससे कई बार पूछा कि क्या हो रहा है. फिर महेंद्र सिंह धोनी के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद उसने बतौर विकेटकीपर वापसी की.’’

मोरे महान हरफनमौला वीनू मांकड़ के जन्मदिन पर क्रिकेट क्लब ऑफ इंडिया में लीजैंड्स क्लब की बैठक में बोल रहे थे. उन्होंने कहा,‘‘धोनी जिस समय सभी प्रारूपों में खेल रहे थे, उस समय कार्तिक ने विकेटकीपिंग छोड़ दी थी. विकेटकीपर का जीवन आसान नहीं होता लेकिन उसने जिस तरह से वापसी की, वह अविश्वसनीय है. उसने काफी इंतजार किया. उसके पास प्रतिभा की कमी नहीं थी.’’

कार्तिक को साल 2004 में पहली बार भारतीय टीम में चुना गया था. इसी साल नेटवेस्‍ट ट्रॉफी में इंग्‍लैंड के खिलाफ उन्‍होंने पहला वनडे मैच खेला. इसके ठीक बाद ऑस्‍ट्रेलिया के खिलाफ उन्‍होंने पहला टेस्‍ट मैच खेला, लेकनि वे दस मैचों में केवल एक अर्धशतक ही लगा पाए और उन्‍हें टीम से बाहर कर दिया गया. 2008 में उन्‍होंने भारतीय टीम में वापसी की जब न्‍यूजीलैंड दौरे के लिए उन्‍हें चुना गया. इस दौरे पर उन्‍हें हर फॉर्मेट में खेलने का मौका मिला, लेकिन अच्‍छा प्रदर्शन नहीं कर सके और फिर टीम से बाहर हो गए. 2013 में उन्‍हें चैंपियंस ट्रॉफी के लिए टीम में चुना गया, लेकिन इस बार भी वे अपनी जगह पक्‍की नहीं कर पाए. प्रदर्शन की निरंतरता में कमी के चलते पिछले 14 वर्षों में वे केवल 23 टेस्‍ट और 79 वनडे मैच ही खेल पाए हैं. हालांकि, इस दौरान घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में वे लगातार अच्‍छा प्रदर्शन करते रहे. टेस्‍ट क्रिकेट से महेंद्र सिंह धोनी के संन्‍यास के बाद उन्‍हें फिर से मौके मिले और इन्‍हें भुनाने में अब तक वे सफल रहे हैं.