ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में हो रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2018 में भारत के लिए 10वां दिन शानदार रहा. शनिवार को भारत को 7 गोल्ड सहित 9 मेडल मिले. इसके साथ ही भारत के कुल पदकों की संख्या 53 हो गई.

भारत की तरफ से बॉक्सिंग में मेरीकॉम और गौरव सोलंकी, शूटिंग में संजीव राजपुत, भाला फेंक में नीरच चोपड़ा, पुरुषों के फ्री स्टाईल में सुमित और पहलवान विनेश फोगाट ने महिलाओं की 50 किग्रा फ्रीस्टाइल मुकाबले में गोल्ड जीतीं. वहीं, मनिका बत्रा ने टेबल टेनिस में गोल्ड जीता.

फोगाट को भी गोल्ड
भारत की विनेश फोगाट ने राष्ट्रमंडल खेलों में महिलाओं की 50 किलो फ्रीस्टाइल कुश्ती में स्वर्ण पदक जीता.

नीरज ने भालाफेंक में ऐतिहासिक स्वर्ण दिलाया
नीरज चोपड़ा आज राष्ट्रमंडल खेलों की भालाफेंक स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय बन गए जिन्होंने यहां फाइनल में सत्र का सर्वश्रेष्ठ 86.47 मीटर का थ्रो फेंका. जूनियर विश्व चैम्पियन 20 बरस के नीरज ने कल पहले ही थ्रो में क्वालीफाइंग आंकड़े को छूकर फाइनल में जगह बनाई थी. उसने स्वर्ण जीतने के बाद कहा ,‘‘ यह मेरे लिये बहुत अहम पदक है. मैं अपना निजी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहता था लेकिन एक सेंटीमीटर से चूक गया. मैने उसके लिये इतनी कोशिश की कि आखिरी दो प्रयास अच्छे नहीं गए. मुझे बहुत खुशी है कि यह पदक जीता. आगे कई टूर्नामेंट है जिनमें सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन का मौका मिलेगा.

संजीव राजपूत ने का गोल्‍डन निशाना
ऑस्‍ट्रेलिया में चल रहे 21वें राष्ट्रमंडल खेलों के 10वें दिन शनिवार को भारत को तीसरा गोल्‍ड मेडल शूटर संजीव राजपूत ने दिलाया. उन्‍होंने पुरुषों की 50 मीटर की राइफल 3 पोजिशन में जीता स्‍वर्ण पदक जीता है. उन्‍होंने रिकॉर्ड स्‍कोर 454.4 के साथ ये मेडल जीता है.

गौरव सोलंकी मुक्‍केबाजी ने जीता गोल्‍ड मेडल
भारत के मुक्केबाज गौरव सोलंकी ने 21वें राष्ट्रमंडल खेलों के 10वें दिन शनिवार को मुक्केबाजी में दूसरा स्वर्ण पदक दिलाया है. गौरव ने पुरुषों की 52 किलोग्राम भारवर्ग स्पर्धा के फाइनल में उत्तरी आयरलैंड के ब्रेंडन इरवाइन को 4-1 से मात देते हुए सोने का तमगा हासिल किया. गौरव का यह राष्ट्रमंडल खेलों में पहला पदक है. पहले राउंड में गौरव पूरी तरह से हावी रहे. उन्होंने अपने बाएं जैब से अच्छे अंक जुटाए और इरवाइन को परेशान किया. दूसरे राउंड में गौरव और ज्यादा आक्रामक हो गए और उन्होंने लगातार पंच मारते हुए इरवाइन पर दबाव बनाए रखा. इस राउंड में जैब के अलावा गौरव ने कुछ अच्छे अपरकट का इस्तेमाल भी किया. इरवाइन काउंटर तो कर रहे थे, लेकिन ज्यादा सफल नहीं हो पा रहे थे. आखिरी राउंड में गौरव ने और बेहतर प्रदर्शन किया और इरवाइन को आक्रमण नहीं करने दिया.

सुबह- सुबह मैरीकॉम ने दिलाया पहला गोल्‍ड
मैरीकॉम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 45-48 किग्री कैटेगरी में गोल्ड मेडल जीतकर भारत को यह सफलता दिलाई है. पांच बार की वर्ल्ड चैंपियन 35 साल की मैरीकोम ने महिलाओं के 48 किलो फाइनल मुकाबले में उत्तरी आयरलैंड की क्रिस्टीना ओहारा को 5.0 से हराया. ओहारा के पास मेरीकोम के दमदार पंच और फिटनेस का जवाब नहीं था. मेरीकोम ने मुकाबले को लगभग एकतरफा बना दिया. पांच महीने पहले एशियाई चैम्पियनशिप में स्वर्ण जीतने वाली मेरीकोम ने जनवरी में इंडिया ओपन जीता था. उन्होंने बुल्गारिया में स्ट्रांजा मेमोरियल टूर्नामेंट में भी रजत पदक जीता था. ओलंपिक ब्रॉन्ज विजेता मैरीकॉम ने शुरू से ही मैच में पकड़ बनाए रखा. बता दें कि वह इससे पहले कॉमनवेल्थ गेम्स में कभी कोई पदक नहीं जीत पाई थीं.

मुक्केबाजी में गोल्‍ड से चूके अमित, रजत से करना पड़ा संतोष
भारत के मुक्केबाज अमित पंघाल को यहां जारी 21वें राष्ट्रमंडल खेलों में 46-49 किलोग्राम भारवर्ग स्पर्धा के फाइनल में हार कर रजत पदक से संतोष करना पड़ा है. अमित को इंग्लैंड के गलाल याफाई को 3-1 से मात देते हुए उनके स्वर्ण के सपने को तोड़ दिया. अमित फाइनल में अच्छा मुकाबला कर रहे थे, लेकिन वह याफाई के आक्रामण के आगे कमजोर पड़ते जा रहे थे. पहले राउंड में अमित हावी थे, लेकिन अगले दो राउंड में वह धीरे-धीरे पिछड़ते चले गए. पांच रेफरियों में एक ने दोनों को बराबर अंक दिए और इसलिए फैसला 3-1 रहा