नई दिल्ली: मुंबई के युवा लेग स्पिनर मयंक मार्कंडेय ने इंडियन टी-20 लीग के अपने पदार्पण मैच में ही चिर प्रतिद्वंदी चेन्नई के खिलाफ शनिवार को शानदार गेंदबाजी कर सबको प्रभावित किया. मार्कंडेय ने 23 रन देकर तीन विकेट चटके जिसमें विरोधी टीम के कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी का विकेट भी शामिल है. धोनी का विकेट उनकी गेंदबाजी का मुख्य आकर्षण था जो गुगली को नहीं समझ सके और पगबाधा आउट हो गये. हरफनमौला ड्वेन ब्रावो की मैच जिताऊ 30 गेंद में 68 रन की आतिशी पारी ने उनकी चमक को थोड़ा फीका कर दिया.

जानिए अपने पहले मैच में ड्वेन ब्रावो और पोलार्ड ने क्यों पहनी 400 नंबर की जर्सी

मुंबई के मुख्य कोच महेला जयवर्धने भी उन लोगों में शामिल है जो 20 साल के इस युवा गेंदबाज से खासे प्रभावित है. पंजाब के बठिंडा के मार्कंडेय ने आईपीए में पदार्पण से पहले विजय हजारे (50 ओवर) और सैयद मुश्ताक अली (20 ओवर) जैसे सीमित ओवरों के 10 मैचों में 15 विकेट लिए है. जयवर्धने ने कहा, ‘‘मुझे लगता है उसने शानदार गेंदबाजी की, हमने टीम शिविर में जब उसे पहली बार देखा तभी से उस पर भरोसा हो गया. हमें पता था कि वह खास है. मार्कंडेय और (राहुल) चहार हमारे लिए दो ट्रायल मैच भी खेले.’’

श्रीलंका के पूर्व कप्तान ने कहा उनकी सटीकता उन्हें खास बनाती है. उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है उनकी सटीकता उन्हे खास बनाती है. वह जिस तरह गेंद को छोड़ते है और विविधताओं पर नियंत्रण रखते है वह उन्हें दूसरे लेग स्पिनर से थोड़ा अलग बनाता है.’’

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बता दें कि टी-20 लीग 2018 का पहला मैच मुंबई और चेन्नई के बीच खेला गया, जिसमें चेन्नई ने 1 विकेट से रोमांचक जीत हासिल की. मुंबई ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 165 रन बनाए. इसके जवाब में चेन्नई ने 9 विकेट खोकर मुकाबला जीत लिया. चेन्नई की जीत में ड्वेन ब्रावो की अहम भूमिका रही. एक समय तक ऐसा लग रहा था कि यह मुकाबला मुंबई ही जीतेगी. लेकिन ब्रावो ने खतरनाक बल्लेबाजी करते हुए मैच रुख ही बदल दिया.