भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व ओपनिंग बल्लेबाज रहे वीरेंद्र सहवाग ने कहा है कि वह इसलिए टीम इंडिया के कोच नहीं बन पाए क्योंकि उनकी किसी से सेंटिग नहीं थी. सहवाग भारतीय टीम के कोच पद की दौड़ में रवि शास्त्री से पिछड़ गए थे.

इंडिया टीवी से बातचीत में जब सहवाग से पूछा गया कि कोच चुनने वाली सीएसी के सदस्यों में उनके दोस्तों सचिन, गांगुली और लक्ष्मण के शामिल होने के बावजूद वह कोच क्यों नहीं बन पाए, सहवाग ने मुस्कुराते हुए कहा, ‘मैं कोच इसलिए नहीं बन पाया क्योंकि मेरी किसी से सेटिंग नहीं थी.’ हालांकि सहवाग ने ये भी स्पष्ट किया वह ऐसा नहीं कह रहे हैं कि कोच बनने वाले रवि शास्त्री की किसी से सेटिंग थी.

उन्होंने कहा, ’10 लोगों ने इस पद के लिए आवेदन किया था, उसमें से उनको बेस्ट चुनना था, उन्हें शास्त्री बेस्ट लगे और वह कोच बने.’ सहवाग ने कहा, ‘मैंने कोच बनने के बारे में कभी नहीं सोचा था. लेकिन बीसीसीआई सचिव अमिताभ चौधरी और डॉ. श्रीधर मेरे पास ऑफर लेटर आए थे. विराट कोहली से भी मेरी बात हुई, वो भी ये कह रहे थे. तब मैंने थोड़ा समय लिया और इस पर विचार करने के बाद इस पद के लिए आवेदन किया था.’

भारत के स्टार बल्लेबाज रहे सहवाग ने कहा, ‘बीसीसीआई अधिकारी मेरे पास आए थे और मैं सिर्फ उनकी मदद करना चाहता था और मुझे लगा कि शायद वो रिक्वेस्ट कर रहे हैं तो मुझे उनकी मदद करनी चाहिए. इसलिए मैंने आवेदन किया, ना मैंने आवेदन करने की सोची थी और न कभी आगे आवेदन करूंगा.’

जुलाई में सचिन, सौरव और वीवीएस लक्ष्मण की अगुवाई वाली बीसीसीआई की क्रिकेट अडवायजरी कमिटी (सीएसी) ने रवि शास्त्री को भारतीय टीम का नया कोच चुना था. सहवाग ने भी भारतीय टीम के कोच पद के लिए आवेदन किया था और शास्त्री के आवेदन के पहले तक उन्हें ही इस पद का सबसे प्रमुख दावेदार थे लेकिन आखिरी में इस पद के लिए शास्त्री को चुना गया. हालांकि सीएसी में शामिल सौरव गांगुली शास्त्री को कोच बनाए जाने के पक्ष में नहीं थे लेकिन कप्तान कोहली की पहली पसंद होने के कारण आखिर में शास्त्री को ही इस पद के लिए चुना गया.