नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच रवि शास्त्री ने कहा कि कप्तान विराट कोहली के आक्रामक रवैये में वह खुद का अक्स देखते हैं क्योंकि जब वह क्रिकेट खेलते तो उनकी भी मानसिकता ऐसी ही होती थी. ‘लोकमत महाराष्ट्रीयन ऑफ द ईयर अवार्ड्स 2018’ में ‘महाराष्ट्राचा अभिमान’ सम्मान से नवाजे गए.

इस दौरान शास्त्री ने कहा, ‘‘मैं ऐसे देखता हूं (कोहली में मैं खुद को देखता हूं). हमारी मानसिकता एक जैसी है. हम आक्रामक हैं और मुकाबला करना चाहते हैं और जब किसी टीम में कोहली जैसी मानसिकता और काम करने का जज्बे वाला खिलाड़ी हो तो इसका असर दूसरे खिलाड़ियों पर भी पड़ता है, इसलिए भारतीय टीम इस समय शानदार लय में है.’’

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शास्त्री ने इस मौके पर पूर्व कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी की भी तारीफ की. उन्होंने कहा, ‘‘एमएस (धोनी) महान खिलाड़ी है और परिस्थितियों से जरा भी विचलित नहीं होते. चाहे वह शून्य पर आउट हो या शतक बनाये, चाहे वह छक्का मार कर विश्व कप जिताए, वह हमेशा एक से रहते हैं. धोनी और कोहली एक दूसरे का काफी सम्मान करते हैं. आप मीडिया में जो पढ़ते हैं वह सही नहीं है, उनका रिश्ता शानदार है. कोहली धोनी से राय लेते हैं जिसका टीम पर काफी सकारात्मक असर पड़ता है.’’

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बता दें कि रवि शास्त्री का इंटरनेशनल करियर प्रभावी रहा है. उन्होंने अपने टेस्ट करियर में कुल 80 मुकाबले खेले हैं, जिनमें 3830 रन बनाए हैं. इस दौरान उन्होंने 11 शतक और 12 अर्दशतक जड़े हैं. उनका टेस्ट मैच में सर्वश्रेष्ठ स्कोर 206 रन है. शास्त्री ने 150 इंटरनेशनल वनडे मुकाबलों में 3108 रन बनाए हैं. उन्होंने वनडे मैचों में 4 शतक और 18 अर्धशतक जड़े हैं. इस दौरान उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 109 रहा है.टीम इंडिया के कोच का गेंदबाजी में अच्छा योगदान रहा है. उन्होंने वनडे मुकाबलों में 129 विकेट लिए हैं और टेस्ट मैचों में 151 विकेट झटके हैं. (एजेंसी इनपुट के साथ)