टीम इंडिया के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने शनिवार को करीब 15 साल बाद ट्रेन से सफर किया. गांगुली कोलकाता के बालुरघाट स्टेडियम की एंट्री पर लगाई गई अपनी अस्सी फुट ऊंची प्रतिमा का अनावरण करने के लिए ट्रेन से गए. गांगुली ने बालुरघाट जाने के लिए मालदा से पटादिक एक्सप्रेस ली.

दादा के रेलवे स्टेशन पहुंचते ही फैंस ने उन्हें घेर लिया. यहां से गांगुली बालुरघार पहुंचे और वहां अपनी आठ फुट ऊंची प्रतिमा का अनावरण किया. ट्रेन में अपने सफर के दौरान गांगुली ने कहा कि उन्होंने 2001 के बाद से पहली बार करीब 15 साल बाद ट्रेन से यात्रा की है. गांगुली ने इस इस प्रतिमा के साथ अपनी तस्वीर ट्विटर पर शेयर की और लिखा, ‘ये मेरी तरह दिखता है’

ये मूर्ति बालुरघाट साउथ दिनाजपुर जिला स्पोर्ट्स असोसिएशन द्वारा दुनिया के महान खिलाड़ियों में शुमार सौरव गांगुली के सम्मान में लगाई गई है. पहले इसका अनावरण जून में होना था लेकिन दादा की व्यस्तता के चलते इसका अनावरण अब किया गया है.

ट्रेन में सीट के लिए झगड़ा हुआ!

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सौरव गांगुली जब सीएबी के जॉइंट सेक्रेटरी अभिषेक डालमिया के साथ ट्रेन के एसी-1 टियर में पहुंचे तो उनकी सीट पर पहले से ही कोई व्यक्ति बैठा तो वहां से जाने के लिए कहने के लिए लड़ने लगा. इसके तुंरत बाद आरपीएफ के जवानों ने मामला शांत कराया लेकिन गांगुली को इसके बाद एसी-2 टियर में सीट दी गई.

सौरव गांगुली को भारत के सबसे महान कप्तानों में गिना जाता है. वर्तमान में वह क्रिकेट असोसिएशन ऑफ बंगाल के अध्यक्ष और बीसीसीआई की क्रिकेट अडवायजरी कमिटी (सीएसी) के सदस्य हैं. उनकी कप्तानी में भारत ने विदेशों में सबसे ज्यादा 28 टेस्ट मैचों में 11 जीत हासिल की. हाल ही में 8 जुलाई को दादा ने अपना 45वीं जन्मदिन मनाया था.