पोर्ट एलिजाबेथ। दक्षिण अफ्रीका को मंगलवार को अपने घर में पांच वनडे मैचों से ज्यादा की सीरीज में तीसरी सबसे बुरी सीरीज हार का सामना करना पड़ा है। भारत ने उसे पांचवें वनडे में मात देकर 4-1 से सीरीज अपने नाम कर ली है। यह भारत की दक्षिण अफ्रीका में पहली वनडे सीरीज जीत है तो वहीं दक्षिण अफ्रीका की घर में सबसे बुरी सीरीज हारों में से एक।

इससे पहले दक्षिण अफ्रीका को ऑस्ट्रेलिया ने पांच मैचों से ज्यादा की सीरीज में दो बार घर में हराया है। ऑस्ट्रेलिया ने 1996-97 में दक्षिण अफ्रीका को 4-3 से मात दी थी। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया ने ही साल 2001-02 में मेजबान टीम को 5-1 से हराया था। उस हार के 18 साल बाद दक्षिण अफ्रीका को भारत ने उसके घर में एक और करारी हार दी है। भारत ने शुरुआती तीन मैच जीतकर अपने आप को सीरीज न हारने की स्थिति में पहुंचा दिया था, लेकिन दक्षिण अफ्रीका ने चौथा वनडे जीत सीरीज में वापसी की उम्मीदें जिंदा रखीं.

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भारत ने मंगलवार देर रात खेले गए मैच में दक्षिण अफ्रीका को 73 रनों से मात देते हुए सीरीज पर 4-1 से कब्जा जमाया और दक्षिण अफ्रीका को घर में सीरीज हार पर मजबूर किया। अगर भारत पांचवां मैच भी जीत जाता है तो यह हार मेजबान टीम के लिए और बुरी हो सकती है।

कुलदीप-चहल की घातक गेंदबाजी

मेजबान टीम की इस सीरीज में हार का एक बड़ा कारण भारत की कुलदीप यादव और युजवेंद्र चहल की स्पिन जोड़ी रही है। इन दोनों को खेलना मेजबान टीम के बल्लेबाजों के लिए टेढ़ी खीर साबित हुआ है। कुलदीप ने अभी तक 11.56 की औसत से 16 विकेट लिए हैं। वहीं चहल ने 16 की औसत से 14 विकेट लिए हैं। यह जोड़ी सिर्फ वांडर्स में खेले गए चौथे वनडे मैच ही विफल रही थी और इस मैच को मेजबान टीम जीतने में सफल रही थी।

दोनों ने मिलकर इस सीरीज में अभी तक 30 विकेट अपने नाम किए हैं। यह किसी भी द्विपक्षीय सीरीज में भारतीय स्पिनरों द्वारा लिए गए सबसे ज्यादा विकेट हैं। इससे पहले भारतीय स्पिनरों ने घर में 2005-06 में इंग्लैंड के खिलाफ 27 विकेट लिए थे।