महान धावक जमैका के उसेन बोल्ट की अपनी आखिरी रेस की स्वर्णिम विदाई का सपना टूट गया है. लंदन में शनिवार को 4×100 मीटर रिले में हुई बोल्ट की आखिरी रेस वह पूरी भी नहीं कर पाए और चोटिल हो गए. इस रेस में जमैका पहले 300 मीटर जमैका के तीन धावकों ओमार मैक्लॉयड, जूलियन फोर्टे और योहान ब्लैक ने पूरी कर ली थी और आखिरी 100 मीटर की रेस पूरी करने के लिए बैटन थामा इतिहास के सबसे महान धावक उसेन बोल्ट ने.

लेकिन रेस पूरी करने से 30 मीटर पहले ही बोल्ट के पैर में चोट लग गई वह लड़लखड़ाने लगे और वहीं जमीन पर गिर गए, इससे इस महान एथलीट की आखिरी रेस में उन्हें जीतते हुए देखने आए 60 हजार दर्शकों के बीच सन्नाटा पसर गया.  बोल्ट की जमैका टीम रेस पूरी नहीं कर पाई. हालांकि घायल बोल्ट को ले जाने के लिए व्हीलचेयर मंगाई गई लेकिन उन्होंने उस पर जाने से इनकार कर दिया और साथी खिलाड़ियों के कंधे के सहारे फिनिशिंग लाइन तक पहुंचे.

अपनी आखिरी रेस में चोटिल होकर जमीन पर गिर पड़े बोल्ट (Getty)
अपनी आखिरी रेस में चोटिल होकर जमीन पर गिर पड़े बोल्ट (Getty)

 

ब्रिटेन के चीजिंदू उजाह, एमड डेमिली, डेनियल टालबोट और नीथानील मिशेल ब्लैक ने 37.47 सेकेंड के साथ गोल्ड मेडल जीता,सिल्वर मेडल 100 मीटर की रेस में बोल्ट को हराने वाले जस्टिन गैटलिन के नेतृत्व में अमेरिका ने जीता जबकि जापान (38.04 सेकेंड) ने सबको चौंकाते हुए इस स्पर्धा का ब्रॉन्ज मेडल जीत लिया.

इस रेस में शामिल रहे 100 मीटर बाधा दौड़ के चैंपियन जमैका के ओमार मैक्लॉयड ने कहा कि घायल होने के बाद से ही बोल्ट अपने साथियों से रेस पूरी न कर पाने के लिए माफी मांग रहे थे लेकिन ओमार ने उनसे कहा कि उन्हें ऐसा करने की कोई जरूरत नहीं और उनका नाम इतिहास में हमेशा अमर रहेगा.

इससे पहले पिछले हफ्ते बोल्ट अपनी 100 मीटर की आखिरी रेस में भी गोल्ड मेडल नहीं जीत पाए थे और उन्हें दो अमेरिकी धावकों जस्टिन गैटलिन और क्रिस्चियन कोलमेन ने पछाड़ दिया था. अपनी 100 मीटर की आखिरी रेस में भी उसेन बोल्ट सिर्फ ब्रॉन्ज मेडल ही जीत पाए थे.

बोल्ट को इतिहास का सबसे महान धावक माना जाता है. उन्होंने अपने करियर में 100, 200 और 100×400 मीटर रिले में 8 ओलंपिक गोल्ड मेडल जीतने के साथ ही वर्ल्ड चैंपियनशिप में 11 गोल्ड मेडल समेत 19 गोल्ड मेडल अपने नाम किए हैं. लंदन में हो रही वर्ल्ड चैंपियनशिप बोल्ट की आखिरी प्रोफेशनल रेस थी और इसके साथ ही उन्होंने ट्रैक एंड फील्ड के अपने करियर को अलविदा कह दिया है.

(अभिषेक पाण्डेय द्वारा लिखित)