लंदन में रविवार को भारत और पाकिस्तान की टीमें दो खेलों में आमने-सामने थीं. ये बात और है कि एक खेल के बारे में तो शायद पूरे देश को पता था लेकिन दूसरे के बारे में बहुत कम लोगों को पता था. पहला खेल , यानी कि देश के सबसे लोकप्रिय खेल क्रिकेट में चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में पहली बार भारत और पाकिस्तान की टीमें भिड़ रही थी. दूसरा खेल है हॉकी, जिसमें वर्ल्ड हॉकी लीग के सेमीफाइनल में भारत-पाकिस्तान का मुकाबला हो रहा था.

लंदन में ही हो रहे इन दोनों मुकाबलों में भले ही भारत और पाकिस्तान का ही मुकाबला था. लेकिन भारत में लोगों की नजरें सिर्फ क्रिकेट मैच पर ही लगी टकटकी लगाए थीं. ऐसा तब तक हुआ जब तक पाकिस्तान ने क्रिकेट के मैदान में 338 रन का विशाल स्कोर बनाने के बाद भारतीय बैटिंग को बिखेरकर नहीं रख दिया.

संयोग से जब ओवल के मैदान में पाकिस्तानी गेंदबाज भारत की विश्व प्रसिद्ध बल्लेबाजी को धराशायी कर रहे थे तो वहीं से कुछ किलोमीटर की दूरी पर भारतीय हॉकी टीम पाकिस्तान को हॉकी के मैदान में धो रही थी. भारत ने पाकिस्तान को हॉकी मैच में हराया ही नहीं बल्कि 7-1 से रौंद डाला.

हॉकी को भुला चुके इस देश को क्रिकेट में पाकिस्तान के हाथों पिटते ही हॉकी की याद आ गई और सोशल मीडिया पर लोग इस खेल को भारत का राष्ट्रीय खेल करार देने में जुट गए. लोगों ने तो यहां तक लिखा कि वे क्रिकेट मैच न देखकर हॉकी मैच देख रहे हैं क्योंकि हॉकी भारत का राष्ट्रीय खेल है.

सरकार नहीं मानती हॉकी को भारत का राष्ट्रीय खेल!
लेकिन शायद आपको ये जानकर हैरानी होगी कि हॉकी भारत का राष्ट्रीय खेल नहीं है. जी हां, 2012 में ऐश्वर्या पाराशर नामक एक 10 साल की लड़की द्वारा दायर आरटीआई के जवाब में खुद भारतीय खेल मंत्रालय ने जवाब दिया था कि आम जनमानस में भले ही हॉकी को देश का राष्ट्रीय खेल माना जाता हो लेकिन सरकारी आंकड़ों में इस बात की कोई जानकारी नहीं है जिसमें कहा गया हो कि हॉकी राष्ट्रीय खेल है. खेल मंत्रालय में सचिव एसपीएस तोमर ने कहा था कि इस बारे में कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है कि इस खेल को कब देश का राष्ट्रीय खेल घोषित किया गया.

आपकी तरह आरटीआई दाखिल करने वाली वह लड़की भी हैरान रह गई थी, जो बचपन से किताबों में यही पढ़ती आई थी कि हॉकी भारत का राष्ट्रीय खेल है. खेल मंत्रालय के इस जवाब की आलोचना करते हुए हॉकी ओलंपियन सुजीत कुमार ने कहा था कि सरकार को बताना चाहिए कि अगर हॉकी भारत का राष्ट्रीय खेल नहीं है तो कौन खेल है और उन्हें वह नोटिफिकेशन भी दिखाना चाहिए जिसमें लिखा हो कि हॉकी भारत का राष्ट्रीय खेल नहीं है.

वैसे अब आप ये भी जान लीजिए कि भारत सरकार भले ही हॉकी को राष्ट्रीय खेल मानने को लेकर मजबूर हो लेकिन हॉकी पाकिस्तान का राष्ट्रीय खेल है.