लंदन।
पोलैंड के लुकास कुबोट और ब्राजील के मार्सेलो मेलो ने शनिवार रात यहां पांच सेट तक चले कड़े मुकाबले में जीत दर्ज करके विंबलडन पुरुष डबल्स का खिताब जीता जबकि रूस की एकातेरीना माकारोवा और एलीना वेस्नीना की ओलंपिक गोल्ड मेडल विजेता जोड़ी ने एकतरफा फाइनल में आसान जीत से महिला डबल्स का खिताब अपने नाम किया.

कुबोट और मेलो की चौथी वरीयता प्राप्त जोड़ी ने चार घंटे 39 मिनट तक चले मैच में ऑस्ट्रिया की ओलिवर मराच और क्रोएशिया के मेट पाविच की 16वीं वरीय जोड़ी को 5-7, 7-5, 7-6, 3-6, 13-11 से हराया.

मेलो ने बाद में कहा, ‘मैंने मैच से पहले लुकास से कहा, मैंने इस कोर्ट पर आने के लिए अपनी जिंदगी में सब कुछ किया. मैं इसका पूरा लुत्फ उठाना चाहता हूं. मैं इससे पहले भी एक बार फाइनल (इवान डोडिग के साथ 2013 में जब वे ब्रायन बंधुओं से हार गये थे) में पहुंचा था लेकिन अब मैं जीतना चाहता हूं और मैं ऐसा कर सकता हूं. जब उन्होंने छत बंद कर दी तो हमारे लिए यह अच्छा रहा. हम उत्साह से लबरेज थे और स्टेडियम का माहौल शानदार था.’

इसके बाद महिलाओं का डबल्स का फाइनल केवल 55 मिनट तक चला जिसमें मकारोवा और वेसनीना ने अपनी ख्याति के अनुरूप प्रदर्शन करते हुए ताइवान की हाओ चिंग चान और रोमानिया की मोनिका निकोलस्कु को 6-0, 6-0 से करारी शिकस्त दी. विंबलडन के इतिहास में यह केवल दूसरा अवसर है जबकि महिला डबल्स फाइनल का फैसला ‘डबल बैगल’ स्कोर लाइन से हुआ.

यह दूसरी वरीयता प्राप्त रूसी जोड़ी का टीम के रूप में तीसरा ग्रैंडस्लैम खिताब है. इससे पहले उन्होंने 2013 में फ्रेंच ओपन और 2014 में यूएस ओपन महिला डबल्स का खिताब जीता था.