भोपाल: अबतक आपने पिज्जा या बर्गर जैसी खाने की चीजों की घर पर डिलीवरी तो जरूर सुनी होगी लेकिन मध्यप्रदेश सरकार अब मुर्गों की भी होम डिलीवरी करेगी. अपनी तरह के पहले ऐसे मामले में मध्यप्रदेश के सहकारिता विभाग ने मुर्गे की प्रसिद्ध नस्ल ‘‘कड़कनाथ’’ को बेचने के लिये बुधवार को एक मोबाइल एेप पेश किया है. प्रदेश के सहकारिता विभाग के राज्यमंत्री विश्वास सारंग ने बताया, ‘‘एमपी कड़कनाथ एंड्रायड आधारित मोबाइल एेप प्रदेश के सहकारिता विभाग द्वारा तैयार करवाया गया है.’’ सारंग ने कहा कि प्रोटीन के मामले में कड़कनाथ प्रजाति का मुर्गा अन्य प्रजातियों के मुर्गों से बेहतर होता है. इसमें 22 से 27 प्रतिशत प्रोटीन मात्रा होती है जबकि अन्य प्रजाति के मुर्गे में 18 प्रतिशत प्रोटीन होता है और वसा की मात्रा नहीं के बराबर होती है.

उन्होंने बताया कि कड़कनाथ प्रजाति में विटामिन बी-1, बी-2, बी-6, बी-12, सी, ई, नियासिन, कैल्शियम, फास्फोरस और हीमोग्लोबिन प्रचूर मात्रा में होता है. यह अन्य मुर्गों की तुलना में ज्यादा प्रोटीन युक्त है. इसका रक्त, हड्डियाँ और सम्पूर्ण शरीर काला होता है. यह दुनिया में केवल मध्यप्रदेश के झाबुआ और अलीराजपुर में पाया जाता है.

हाल ही में कड़कनाथ मुर्गे की प्रजाति के लिए मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के बीच विवाद भी हुआ था. इस प्रजाति के मुर्गे के जीआई टैग (भौगोलिक संकेतक) को लेकर ये दोनों ही राज्य अपना-अपना दावा कर रहे हैं. दोनों राज्यों ने इसके लिए चेन्नई स्थित जीआई टैग जारी करने वाले कार्यालय में अपना दावा करते हुए आवेदन दिए हुए हैं.

सारंग ने बताया कि झाबुआ, अलीराजपुर और देवास जिले में कड़कनाथ मुर्गा पालन की 21 सहकारी समितियों का पंजीयन हुआ है, इनमें 430 सदस्य हैं. चार समितियों ने अपना व्यवसाय शुरू कर दिया गया है जबकि शेष समितियां व्यवसाय शुरू करने की प्रक्रिया में हैं.

कड़कनाथ एप के माध्यम से कोई भी व्यक्ति इन समितियों के पास उपलब्ध कड़कनाथ मुर्गा खरीदने के लिए ऑनलाइन डिमांड कर सकता है. भविष्य में ऑनलाइन ऑर्डर के साथ होम डिलीवरी की भी सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी. उन्होंने कहा कि उपभोक्ता और व्यापारी इस एेप के माध्यम से समितियों तक पहुंच सकते हैं. एेप को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है.