चंडीगढ़: युवाओं के बीच हुक्के के बढ़ते प्रचलन को रोकने के लिए पंजाब विधानसभा ने राज्य में हुक्का बारों पर स्थायी रूप से प्रतिबंध लगाने वाला एक विधेयक बुधवार को पारित कर दिया है. इस कदम का मकसद तंबाकू के सेवन को कम करना है. हालांकि हुक्का बार कई बार सफाई दे चुके हैं कि वो हुक्का में गुटखा नहीं परोसते लेकिन कई बार अचानक की गई छापेमारी ये सामने आ चुका है कि फ्लेवर हुक्के की आड़ में तंबाकू बेचा जा रहा है.

स्वास्थ्य मंत्री ब्रह्म मोहिंद्र ने सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद (विज्ञापन प्रतिबंध एवं व्यापार तथा वाणिज्य का नियमन, उत्पाद, आपूर्ति तथा वितरण) ( पंजाब संशोधन) विधेयक 2018 को पेश किया. मोहिंद्र ने विधानसभा को सूचित किया कि 2003 के कानून में संशोधन का मकसद राज्य में हुक्का या शीशा बारों को प्रतिबंधित करना है.

उन्होंने कहा कि हुक्का- शीशा से धूम्रपान दिन प्रतिदिन बढ़ रहा है और ये बार, रेस्तरां, होटलों और क्लबों में खोले जा रहे हैं तथा शादी समारोहों में भी इनका चलन बढ़ रहा है. सदन ने पंजाब ट्रांसपेरेसी एंड अकाउंटीबिलिटी इन डिलीवरी ऑफ पब्लिक सर्विस बिल 2018, पंजाब पुलिस (संशोधन) विधेयक तथा अनधिकृत कॉलोनियों का नियमन विधेयक को भी पारित कर दिया.