पटना: शहीद हुए बिहार के जवानों की अंत्‍येष्टि में राज्‍य सरकार के किसी मंत्री के नहीं शामिल होने पर बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव ने बुधवार को मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ एक के बाद एक कई ट्वीट किए. उन्‍होंने नीतीश कुमार को नसीहत देते हुए कहा, “नीतीश जी, संघ के वकील मत बनिए. ये राजनीतिक आरोप नहीं, शहीदों के सम्मान की बात है.”

एक दूसरे ट्वीट में तेजस्‍वी ने लिखा, “बिहार के दो जांबाज सैनिक वीरगति को प्राप्त हुए. लेकिन नीतीश सरकार का एक भी मंत्री वीर जवानों को श्रद्धांजलि देने और अंतिम संस्कार में सम्मिलित नहीं हुआ. उन्‍होंने यह आरोप भी लगाया कि नीतीश सरकार के मंत्री बुधवार को वैलेंटाइन्‍स डे के गाने सुनने में व्‍यस्‍त थे.

तेजस्‍वी ने शहीद सैनिक के परिजनों को 5 लाख रुपए की अनुकंपा राशि देने पर भी सवाल खड़े किए. ट्वीट में उन्‍होंने लिखा, नीतीश सरकार शहीद सैनिक और शराब पीकर मरने वाले लोगों के बीच का फर्क नहीं समझती. उन्‍होंने मृत सैनिकों के लिए कम से कम 35 लाख रुपए सहायता राशि देने की भी मांग की.

उन्‍होंने शहीद सैनिकों के अपमान के लिए नीतीश कुमार को राज्‍य की जनता से माफी मांगने को भी कहा. तेजस्‍वी ने राज्‍य के मौजूदा उप मुख्‍यमंत्री सुशील कुमार मोदी को भी नहीं बख्‍शा. एक ट्वीट में उन्‍होंने कहा कि सुशील मोदी जब सरकार में नहीं थे तो अनुकंपा राशि बढ़ाकर 30 लाख रुपए करने की मांग करते थे, तो अब ऐसा क्‍यों नहीं करते.

राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद के पुत्र तेजस्वी ने एक अन्य ट्वीट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए व्यंग्य किया, “मोदी जी की नोटबंदी ने आतंकवाद की ऐसी कमर तोड़ी कि विगत एक माह में हमारे 45 बहादुर सैनिक शहीद हो चुके हैं. ऊपर से मोहन भागवत का सेना ज्ञान.”