इलाहाबाद: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से पूछा है कि वह रेप के आरोपी बीजेपी विधायक की गिरफ्तारी करेगी या नहीं. कोर्ट ने सरकार से दो बजे तक इस मामले में सरकार को अपना पक्ष रखने को कहा. राज्य सरकार की ओर से  महाधिवक्ता राघवेन्द्र सिंह ने कोर्ट को बताया कि इस मामले में नए सिरे से एफआईआर दर्ज कर ली गई है. एसआईटी के अलावा इस मामले की जांच के लिए सीबीआई से करागी जाएगी. उन्नाव गैंग रेप केस और न्यायिक हिरासत में पीड़िता के पिता की मौत मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए सुनवाई मुकर्रर की है.

कोर्ट ने इस मामले में एक तीसरे पक्ष के व्यक्ति को भी नियुक्त किया है, जो इस केस से नहीं जुड़ा है. वह कोर्ट को पूरी सूचना उपलब्ध कराएगा.
आरोपी विधायक की पत्नी ने की थी नार्को टेस्ट की मांग
उन्नाव मामले में आरोपी विधायाक कुलदीप सिंह सेंगर की पत्नी संगीता सेंगर ने अपने पति विधायक कुलदीप सेंगर पर रेप का आरोप लगाने वाली युवती और विधायक कुलदीप सेंगर दोनों के नार्को टेस्ट कराने की मांग की थी, बुधवार सुबह यूपी के डीजीपी से मिलकर आरोपी विधायक की पत्नी संगीता ने अपने पति को निर्दोष बताया था और इंसाफ की गुहार लगाई थी. लेकिन एसआईटी जाँच में भी विधायक को प्रथम दृष्ट्या दोषी माना गया है और आईपीसी की धारा- 363, 366, 376, 506 के तहत कुलदीप सेंगर पर मुकदमा दर्ज कर दिया है.
आरोपी विधायक की गिरफ्तारी सीबीआई के पाले में
आरोपी विधायक को गिरफ्तार करने से बच रही यूपी पुलिस, एफआईआर दर्ज होने के बावजूद अभी तक आरोपी विधायक की गिरफ्तारी नहीं हुई है. डीआईजी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि मामला अब सीबीआई को सौंपा जा चुका है और आरोपी विधायक की गिरफ्तारी का फैसला सीबीआई करेगी.
देर रात मीडिया कर्मियों से भी भिड़े आरोपी विधायक के समर्थक
इतना सब होने के बावजूद विधायक समर्थकों की गुंडागर्दी रुकने का नाम नहीं ले रही, देर रात कुलदीप सेंगर एसएसपी आवास पर सरेंडर के लिए पहुंचे थे लेकिन बिना सरेंडर किये ही फरार हो गए विधायक के साथ उनके समर्थक गाड़ियों में लाठी-डंडे लेकर आए थे, मीडिया कर्मियों ने जब सवाल-जवाब करना चाहा तो पत्रकारों से हाथा-पाई की जिसके चलते एसएसपी आवास (कैम्प ऑफिस) पर तफरी मच गई, देर रात एसएसपी आवास के दोनों गेट बंद करा कर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया.