नई दिल्ली: फेसबुक ने अपने सिक्योरिटी फीचर को लेकर कुछ बड़े बदलाव किए हैं. फेसबुक ने मोबाइल नंबर और ईमेल से प्रोफाइल सर्च करने का फीचर अब हटा दिया है. अब तक लोग अपने जानने वालों को उनके फोन नंबर और ईमेल आईडी से सर्च कर लेते थे. ऐसे सर्च की संख्या हालांकि केवल 7 प्रतिशत ही थी. इस तरह की सर्च के कई फायदे भी थे. एक ही नाम के कई लोगों में अपनों की पहचान करने में आसानी होती थी. लेकिन इस तरह की सर्च का कुछ लोग दुरुपयोग भी करते हैं. यही वजह है कि अब इस सर्च फीचर को खत्म कर रहे हैं. इस फीचर को बंद करने की जानकारी फेसबुक के चीफ टेक्‍नोलॉजी ऑफिसर (सीटीओ) माइक शेरोपफेर ने ब्लॉक पर पोस्ट करके दी.

माइक शेरोपफेर ने कहा कि हम किसी भी ऐप को यूजर की निजी जानकारी एक्‍सेस करने की इजाजत नहीं देंगे. इनमें उसकी धार्मिक मान्‍यताएं, राजनीकि दृष्टिकोण, रिलेशनशिप स्‍टेटस, दोस्‍तों की सूची, शिक्षा और काम करने का इतिहास संबंधी गतिविधियां शामिल हैं.

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यूजर तय करेंगे कौन सा विज्ञापन देखें या न देखें

एक अन्‍य ब्‍लॉग पोस्‍ट में फेसबुक ने कहा है कि अब यूजर खुद तय कर सकेंगे कि वे कौन सा विज्ञापन देखेंगे या नहीं देखेंगे. ब्‍लॉग में कहा गया है कि फेसबुक विज्ञापन कंपनियों से यूजर की कोई जानकारी शेयर नहीं करेगी. हमारे विज्ञापन पॉलिसी में इस बात की विस्‍तार से जानकारी है कि किस तरह यूजर्स को विज्ञापन दिखाने का हम निर्णय करते हैं. फेसबुक उसकी कंपनी का हिस्‍सा है जिसके व्‍हाट्सएप और ऑक्‍युलस हैं. हमने विस्‍तार से बताया है कि हम अपनी सेवाओं, इनफ्रास्‍ट्रक्‍चर और जानकारियां किस प्रकार से शेयर करते हैं.

लाइक, पोस्‍ट, फोटो आदि के लिए लेनी होगी मंजूरी
बुधवार से सभी एप्‍स को यूजर्स की पोस्‍ट, फोटो, वीडियो, लाइक, चेक इन, इवेंट या ग्रुप जैसी जानकारी हासिल करने के लिए फेसबुक से मंजूरी लेनी अनिवार्य होगी. फेसबुक के सीटीओ ने कहा कि हमने एप्‍स को इस प्रकार की मंजूरी 2014 में देनी शुरू की थी लेकिन इन आंकड़ों को एक्‍सेस करने के लिए किसी भी ऐप को फेसबुक से मंजूरी देने के लिए कड़े प्रावधान से गुजरना होगा.