न्यूयार्क. टेक्स्ट एसएमएस में शब्दों की वर्तनी में उलटफेर या जोड़-घटाव कर नये शब्द गढ़ना और विराम चिह्नों का इस्तेमाल, संदेशों में अर्थपूर्ण अभिव्यक्ति का नया तरीका बनते जा रहे हैं. एक नये अध्ययन में यह पता चला है कि बोलचाल की भाषा के समान ही टेक्स्ट एसएमएस लिखित संदेशों में भावों की प्रभावपूर्ण अभिव्यक्ति करते हैं.

गूगल प्ले स्टोर से गायब हुआ UC Browser, सामने आया ये कारण

गूगल प्ले स्टोर से गायब हुआ UC Browser, सामने आया ये कारण

शोधकर्ताओं ने कहा कि टेक्स्ट एसएमएस इस बात के संकेत नहीं हैं कि लिखित भाषा अब विलुप्त होने जा रही है. अमेरिका में बिंघमटन यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर सेलिया क्लिन ने कहा, आमने-सामने की बातचीत की तुलना में टेक्स्ट मैसेज में लोग अतिरिक्त भाषाई संकेत जैसे कि बोलने का लहजा एवं थोड़े विराम के बाद ठहरकर बोलना, या गैर-भाषाई संकेत जैसे कि चेहरे एवं हाथों के हाव-भाव को अभिव्यक्त नहीं कर सकते.

सेलिया ने कहा, बातचीत में संकेत सिर्फ हमारे शब्दों के लिये पूरक नहीं होते हैं, बल्कि वे अहम सूचना देते हैं. चेहरे का हाव-भाव या स्वर में उतार-चढ़ाव शब्दों का पूरा अर्थ बदल सकता है. उन्होंने कहा, यह सुझाव दिया जाता रहा है कि लिखित संदेश भेजने वाले टेक्स्टी एसएमएस जैसे कि इमोटिकॉन्स (इमोजी), शब्दों की वर्तनी में छेड़छाड़ और विराम चिह्नों के अनियमित इस्तेमाल के जरिये अपने शब्दों को अतिरिक्त अर्थपूर्ण तरीके से व्यक्त कर सकते हैं.