नई दिल्ली. इंटरनेट की दुनिया में 4जी फोन के जरिए संचार क्रांति करने वाला रिलायंस जियो मोबाइल के बाद लैपटॉप के बाजार में धमाका करने वाला है. जी हां, रिलायंस जियो कंपनी अब बाजार में सिम कार्ड वाला लैपटॉप लाने जा रही है. कंपनी इंटरनेट के हर यूजर तक पहुंचकर इसे अपना राजस्व का जरिया बनाना चाहती है. कंपनी की सोच है कि इस लैपटॉप के बाजार में उतरने के बाद उसका ‘एवरेज रेवेन्यू पर यूजर’ (ARPU) बढ़ जाएगा. मुकेश अंबानी की यह कंपनी इस लैपटॉप को भारतीय बाजार में लाने के लिए अमेरिका की चिप बनाने वाली कंपनी क्वालकॉम से बातचीत कर रही है. ये लैपटॉप विंडोज-10 ऑपरेटिंग सिस्टम पर चलेंगे जिसमें बिल्ट-इन सेलुलर कनेक्शन की सुविधा होगी. क्वालकॉम कंपनी रिलायंस के 4जी फीचर फोन की लॉन्चिंग के समय से ही रिलायंस जियो के साथ काम कर रही है.

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क्वालकॉम टेक्नोलॉजीज के सीनियर डायरेक्टर प्रोडक्ट मैनेजमेंट मिगेल नून्स ने इकोनॉमिक टाइम्स के साथ बातचीत में कहा, ”हम जियो के साथ बातचीत कर रहे हैं। वे हमसे डिवाइस लेकर इसे डेटा और कॉन्टेंट के साथ बंडल कर सकते हैं.’ इसके अलावा क्वालकॉम कंपनी इंटरनेट ऑफ थिंग्स ब्रांड वाली कंपनी स्मार्ट्रोन के साथ मिलकर भी स्नैपड्रैगन 835 की क्षमता वाले लैपटॉप लाने की दिशा में काम कर रही है. स्मार्ट्रोन के संस्थापक और सीईओ महेश लिंगारेड्डी ने इकोनॉमिक टाइम्स से बातचीत में इस खबर की पुष्टि की है. हालांकि अखबार ने जब रिलायंस जियो से इस नए लैपटॉप ब्रांड को बाजार में उतारने को लेकर बात की तो कंपनी की तरफ से कोई जवाब नहीं आया. वैसे बता दें कि जियो इंटरनेट के बाजार में पहले से ही अपनी रिलायंस रिटेल कंपनी के तहत माईफाई डोंगल्स, एनवाईएफ स्मार्टफोन और 4जी फोन का कारोबार कर रही है.

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विशेषज्ञों ने कहा- सेलुलर लैपटॉप भविष्य के डिवाइस
इकोनॉमिक टाइम्स की खबर के अनुसार डिवाइस और इकोसिस्टम के क्षेत्र में काम करने वाली कंपनी काउंटरप्वाइंट रिसर्च के रिसर्च डायरेक्टर नील शाह ने बताया कि सेलुलर लैपटॉप भविष्य के डिवाइस हैं. स्मार्टफोन के कारोबार से जुड़ी कंपनियों के ARPU के मद्देनजर आने वाले समय में सेलुलर कनेक्टेड लैपटॉप की मांग बढ़ेगी. काउंटरप्वाइंट के आंकड़ों के अनुसार भारत में हर साल करीब 50 लाख लैपटॉप बेचे जाते हैं, जिनमें से अधिकतर पर होम या पब्लिक वाई-फाई से जोड़कर काम किया जाता है. नील शाह के मुताबिक, ‘अगर लैपटॉप जैसे डिवाइस को सेलुलर नेटवर्क से जोड़ा जाना संभव हो सका तो यह इस मार्केट के ग्रोथ के लिए सही संकेत है. साथ ही निजी डाटा की सुरक्षा को लेकर भी ऐसे लैपटॉप ज्यादा सुरक्षित माध्यम होंगे.’

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