नई दिल्लीः टेलिकॉम इंडस्ट्री में रिलायंस जियो की एंट्री के बाद कस्टमर को फायदा मिला है. पहले की तुलना में कॉल रेट्स सस्ती हुई हैं वहीं इंटरनेट पैक भी सस्ता हुआ है. जियो की डाटागिरी के बाद अन्य कंपनियों को भी टैरिफ रेट कम करने पड़े हैं. जियो के आने के बाद भले ही कस्मटर को फायदा मिला हो, लेकिन टेलिकॉम कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारियों को इसका नुकसान उठाना पड़ा है.

टेलिकॉम कंपनियों के लिए पिछला साल अच्छा नहीं रहा. इसका असर इन कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारियों पर पड़ेगा. लगभग 30-40 प्रतिशत कर्मचारियों की सैलरी इस साल नहीं बढ़ेगी. वहीं हर साल मिलने वाले बोनस का भी लाभ नहीं मिलेगा. सर्च फर्म कॉर्न फेरी के चेयरमैन नवनीत सिन्हा का कहना है कि इस साल कम से कम 30 प्रतिशत कर्मचारियों का इंक्रीमेंट नहीं होगा. वहीं मिलने वाला बोनस भी घटेगा. 2016 मे रिलायंस जियो की मर्केट में एंट्री के बाद टैरिफ वॉर शुरू हुआ था.

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सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीओ एआई) के जनरल डायरेक्टर राजन मैथ्यूज का कहना है कि पिछले एक साल टेलिकॉम कंपनियों के लिए मुश्किल भरा रहा है. यही कारण है कि 40 प्रतिशत कर्मचारियों की सैलरी इस साल नहीं बढ़ेगी. अन्य कर्मचारियों की सैलरी बढ़ती है तो भी हाइक बहुत कम होगा.

जीएलटी इंफ्रास्ट्रक्चर के एचआर हेड यूजिन वैलेस का कहना है कि हमारा फोकस ऑपरेशनल कॉस्ट को कम करते हुए अपनी क्षमता को बढ़ाना है. इस साल हर कर्मचारी की सैलरी बढ़ाना संभव नहीं है. इंडस्ट्री के लोगों का कहना है कि पहली श्रेणी के लोगों की सैलरी में 9 प्रतिशत की अधिकम बढ़ोतरी होगी. वहीं औसत इंक्रीमेंट 5 प्रतिशत के आसपास रहेगा.

इस साल जिन्हें बोनस मिलने वाला है वह भी 40 से 50 प्रतिशत के बीच ही रहेगा. गौरतलब है कि इस सेक्टर में सीनियर लेवल पर 30 से 40 प्रतिशत सैलरी बोनस का पार्ट होती है. वहीं मिडिल ऑडर में 20 प्रतिशत और निचले स्तर पर 10 प्रतिशत सैलरी बोनस के रूप में मिलती है.